किसानों के लिए जरूरी अलर्ट, e-KYC के साथ इस आईडी के बिना नहीं आएंगे 2000 रुपये

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना देशभर के करोड़ों किसानों के लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि भरोसे का सहारा बन चुकी है। साल में तीन किस्तों में मिलने वाली 6,000 रुपये की राशि छोटे और सीमांत किसानों के लिए बड़ी मदद होती है। अब तक अधिकांश किसानों को यही लगता था कि अगर ई-केवाईसी पूरी है और जमीन के कागजात लिंक हैं, तो भुगतान में कोई दिक्कत नहीं आएगी। लेकिन अब नियमों में हुए बदलाव ने किसानों को थोड़ा सतर्क कर दिया है, क्योंकि इन शर्तों के अलावा एक नई अनिवार्यता जोड़ दी गई है।

ई-केवाईसी के साथ अब ‘फार्मर आईडी’ भी जरूरी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब केवल ई-केवाईसी कराना पर्याप्त नहीं होगा। पीएम किसान योजना के तहत अगली किस्त पाने के लिए किसानों को ‘फार्मर आईडी’ बनवाना भी अनिवार्य कर दिया गया है। यदि किसी किसान के पास यह आईडी नहीं है, तो उसका नाम अगली किस्त की लाभार्थी सूची से हटाया जा सकता है। यह कदम सरकार ने योजना को और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उठाया है।

AgriStack के जरिए बनेगा किसानों का डिजिटल रिकॉर्ड

सरकार ‘एग्रीस्टैक’ (AgriStack) नाम की पहल के तहत देश के किसानों का एक मजबूत डिजिटल डेटाबेस तैयार कर रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ सिर्फ वास्तविक किसानों तक ही पहुंचे। फार्मर आईडी के जरिए बिचौलियों और फर्जी लाभार्थियों को बाहर करने की कोशिश की जा रही है, ताकि हर किस्त सीधे उसी किसान के खाते में पहुंचे जो वास्तव में खेती करता है।

किसान की पूरी जानकारी होगी एक आईडी में दर्ज

फार्मर आईडी को किसान की डिजिटल पहचान माना जा सकता है। जैसे आधार कार्ड व्यक्ति की पहचान बताता है, वैसे ही यह आईडी किसान की खेती से जुड़ी पूरी जानकारी को समेटे होगी। इसमें जमीन का रकबा, उगाई जाने वाली फसलें, खाद और बीज का उपयोग, साथ ही पशुपालन जैसी गतिविधियों का विवरण शामिल रहेगा। इससे सरकार को यह समझने में आसानी होगी कि किस क्षेत्र में कौन सी फसल बोई जा रही है और किसानों को किस तरह की सहायता की जरूरत है।

फार्मर आईडी बनवाने की प्रक्रिया सरल

सरकार ने यह भी ध्यान रखा है कि हर किसान तकनीक में पारंगत नहीं होता। इसी वजह से फार्मर आईडी बनवाने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों सुविधाएं दी गई हैं। जिन किसानों को मोबाइल या इंटरनेट का थोड़ा भी ज्ञान है, वे AgriStack की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आधार के माध्यम से ई-केवाईसी कर सकते हैं और अपनी खेती से जुड़ी जानकारी भर सकते हैं। इसके साथ जमीन के दस्तावेज अपलोड करने होते हैं।

कैंप के जरिए भी मिलेगा समाधान

जो किसान ऑनलाइन प्रक्रिया करने में असमर्थ हैं, उनके लिए गांव-गांव और ब्लॉक स्तर पर विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं। इन कैंपों में किसान अपने आधार कार्ड और जमीन के कागजात लेकर पहुंच सकते हैं। अधिकारी मौके पर ही दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे और किसान की यूनिक फार्मर आईडी तैयार कर दी जाएगी। इस तरह सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि कोई भी पात्र किसान सिर्फ जानकारी के अभाव में पीएम किसान योजना की अगली किस्त से वंचित न रह जाए।