शारिक मछली मामला: PMO का बड़ा एक्शन, भोपाल से दिल्ली तक साइकिल यात्रा करने वाले अभिषेक जैन की शिकायत गृह मंत्रालय को भेजी

Bhopal News : भोपाल से जुड़े हाई-प्रोफाइल शारिक मछली मामले ने अब राष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ लिया है। इस मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने औपचारिक रूप से संज्ञान लेते हुए बड़ा कदम उठाया है।
पीएमओ ने शिकायतकर्ता अभिषेक जैन द्वारा सौंपे गए दस्तावेजों और शिकायती पत्र को केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) के सुपुर्द कर दिया है। यह कदम मामले की गंभीरता और उसमें लगाए गए आरोपों की संवेदनशीलता को देखते हुए उठाया गया है।
जानकारी के मुताबिक, पीएमओ ने यह फाइल गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव (Joint Secretary) स्तर के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. आर.के. मित्रा को भेजी है। अब यह माना जा रहा है कि केंद्र सरकार के सीधे हस्तक्षेप के बाद इस मामले की जांच की दिशा बदल सकती है। गृह मंत्रालय द्वारा प्रारंभिक तथ्यों के परीक्षण के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी, जिससे निष्पक्ष जांच की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
हजार किलोमीटर साइकिल चलाकर दिल्ली पहुंचे थे शिकायतकर्ता
इस मामले को पीएमओ तक पहुंचाने के लिए शिकायतकर्ता अभिषेक जैन ने कड़ा संघर्ष किया है। वे न्याय की गुहार लेकर भोपाल से नई दिल्ली तक करीब एक हजार किलोमीटर की दूरी साइकिल से तय करके पहुंचे थे। कड़ाके की ठंड और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपना हौसला नहीं खोया।

अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने कई रातें मंदिरों, गुरुद्वारों और खुले आसमान के नीचे सड़कों पर गुजारीं। उनका कहना है कि स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने के कारण उन्हें यह कठिन रास्ता अपनाना पड़ा। दिल्ली पहुंचकर उन्होंने पीएमओ में अपनी शिकायत दर्ज कराई, जिस पर अब संज्ञान लिया गया है।
ड्रग्स और अवैध हथियारों के गंभीर आरोप
अभिषेक जैन ने अपनी शिकायत में शारिक मछली और उसके सहयोगियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार, आरोपी पक्ष ड्रग्स की तस्करी, अवैध हथियारों की जमाखोरी और सरकारी जमीनों व तालाबों पर कब्जे जैसे गैर-कानूनी कामों में लिप्त है।
शिकायत में यह भी जिक्र किया गया है कि आरोपियों की हथियारों के साथ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भी स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी निष्क्रियता के चलते मामला अब केंद्र के पाले में है। पीएमओ के दखल के बाद अब इस बात की प्रबल संभावना है कि केंद्रीय एजेंसियां या गृह मंत्रालय की निगरानी में इस मामले की तह तक जाया जाएगा।