इंदौर के खजराना गणेश में तिल चतुर्थी पर भगवान का भव्य श्रृंगार, 7 करोड़ के आभूषणों से सजे बप्पा

इंदौर का प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर इन दिनों आस्था और भक्ति के रंग में रंगा हुआ है। तिल चतुर्थी के पावन अवसर पर यहां तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष मौके पर भगवान गणेश का अद्भुत और भव्य श्रृंगार किया गया है, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है।

मंदिर प्रबंधन के अनुसार, भगवान गणेश को करीब 7 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के आभूषणों से सजाया गया है। इस विशेष श्रृंगार में सोने-चांदी के आभूषणों के साथ-साथ कीमती रत्न भी शामिल हैं। भगवान के मस्तक पर सुशोभित मुकुट और गले के हार में जड़े हीरे और पन्ने उनकी आभा को और बढ़ा रहे हैं।

सवा लाख लड्डुओं का महाभोग

तिल चतुर्थी के इस उत्सव में केवल श्रृंगार ही खास नहीं है, बल्कि भगवान को लगने वाला भोग भी विशेष है। भगवान खजराना गणेश को तिल और गुड़ से बने सवा लाख लड्डुओं का महाभोग अर्पित किया गया है। यह भोग बाद में प्रसादी के रूप में हजारों भक्तों में वितरित किया जाएगा। मेले के दौरान मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जो अपने आराध्य की एक झलक पाने को आतुर हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मेले में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए हैं। मंदिर परिसर और उसके आसपास सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है। साथ ही, पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई है ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन में कोई असुविधा न हो। यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए डायवर्जन प्लान भी लागू किया गया है।

मंदिर का ऐतिहासिक महत्व

खजराना गणेश मंदिर न केवल इंदौर बल्कि पूरे मध्य प्रदेश में अपनी मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है। ऐसी मान्यता है कि यहां मांगी गई हर मन्नत पूरी होती है। विशेष त्योहारों पर यहां भक्तों का सैलाब उमड़ता है। तिल चतुर्थी का मेला यहां की एक पुरानी परंपरा है, जिसे हर साल बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। पुराने समय में भी होलकर शासकों द्वारा इस मंदिर के विकास और मेलों के आयोजन में विशेष रुचि ली जाती थी, जो परंपरा आज भी बदस्तूर जारी है।

तीन दिनों तक चलने वाले इस मेले में भजन संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। दूर-दराज से आए भक्त भगवान गणेश के दर्शन कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे शांति और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।