Indore News : इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से हुई त्रासदी का दायरा बढ़ता जा रहा है। ताजा जानकारी के मुताबिक, अब तक इस घटना में जान गंवाने वालों की संख्या 20 तक पहुंच गई है। हालांकि, सरकारी आंकड़ों और जमीनी कार्रवाई में विरोधाभास दिखाई दे रहा है।
प्रशासन ने हाईकोर्ट में पेश अपनी रिपोर्ट में केवल चार मौतों की बात स्वीकारी है, जबकि विभाग द्वारा 18 मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की मुआवजा राशि वितरित की जा चुकी है। वहीं अब भागीरथपुरा इलाके में मृतको के परिजन मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग भी कर रहे है।
बुधवार को प्रशासन द्वारा तैयार की गई मुआवजा सूची में दो और नाम जोड़े गए हैं। इनमें रामकली जगदीश और श्रवण नत्यु खुपराव शामिल हैं। अधिकारियों का तर्क है कि दूषित पानी से सीधे तौर पर 6 मौतें हुई हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर जहां भी संदिग्ध मौत की सूचना मिल रही है, वहां क्रॉस वेरिफिकेशन के बाद सहायता राशि दी जा रही है।
गंभीर मरीजों की संख्या में इजाफा
अस्पतालों में भर्ती मरीजों की स्थिति पर नजर डालें तो चिंता अब भी बनी हुई है। बुधवार को आईसीयू में भर्ती मरीजों की संख्या बढ़कर 16 हो गई, जिनमें से 3 मरीज वेंटिलेटर पर हैं। इससे पहले सोमवार को 15 और रविवार को 7 मरीज आईसीयू में थे। यह बढ़ता आंकड़ा स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।
राहत की बात यह है कि सामान्य वार्डों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में अब कमी आ रही है। अब तक कुल 429 लोग अस्पतालों में भर्ती हुए थे। मंगलवार शाम तक की रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से 330 मरीजों को डिस्चार्ज किया जा चुका है। फिलहाल 99 मरीज ही विभिन्न अस्पतालों में इलाजरत हैं।
इलाके में दहशत, टैंकरों पर निर्भरता
लगातार हो रही मौतों के कारण स्थानीय निवासियों में डर का माहौल है। भागीरथपुरा के रहवासियों ने बोरिंग के पानी का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दिया है। लोग अब नगर निगम के टैंकरों और आरओ वाटर पर निर्भर हैं। प्रशासन ने भी एहतियातन एडवाइजरी जारी की है।
“क्षेत्र में घर-घर जाकर जानकारी दी जा रही है कि नर्मदा लाइन की टेस्टिंग की जाएगी। इस दौरान नल की टोंटी बंद रखें और पानी का इस्तेमाल न करें। टैंकर के पानी को उबालकर और छानकर ही पीएं।” — क्षितिज सिंघल, निगम कमिश्नर