वेदांता चेयरमैन के बेटे अग्निवेश अग्रवाल का न्यूयॉर्क में निधन, स्कीइंग हादसे के बाद आया कार्डियक अरेस्ट

New Delhi :  वेदांता ग्रुप के चेयरमैन और दिग्गज उद्योगपति अनिल अग्रवाल के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके बेटे अग्निवेश अग्रवाल का 49 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। अग्निवेश ने अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित माउंट सिनाई अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे पिछले कुछ दिनों से अस्पताल में भर्ती थे।
जानकारी के मुताबिक, अग्निवेश अग्रवाल अमेरिका में स्कीइंग के लिए गए थे, जहां वे एक गंभीर हादसे का शिकार हो गए। घायल अवस्था में उन्हें तुरंत इलाज के लिए न्यूयॉर्क के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 7 जनवरी को उपचार के दौरान ही उन्हें दिल का दौरा (कार्डियक अरेस्ट) पड़ा, जो जानलेवा साबित हुआ।
‘जीवन का सबसे अंधकारमय दिन’
पुत्र के निधन की पुष्टि करते हुए पिता अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर रात करीब 10 बजे एक बेहद भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि उन्हें उम्मीद थी कि बुरा वक्त बीत चुका है, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। अनिल अग्रवाल ने अपने बेटे को खोने के बाद इस दिन को अपने ‘जीवन का सबसे अंधकारमय दिन’ बताया।

बेटे की याद में अनिल अग्रवाल ने एक बड़ा संकल्प भी दोहराया है। उन्होंने कहा कि वे अपने बेटे से किए गए वादे को निभाते हुए अपनी निजी कमाई का 75% हिस्सा समाज सेवा और दान कार्यों के लिए देंगे। उन्होंने अग्निवेश को एक बेहतरीन खिलाड़ी, संगीतकार और दयालु स्वभाव वाला लीडर बताया।
पीएम मोदी ने जताया शोक
इस दुखद घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संवेदना व्यक्त की है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अनिल अग्रवाल के पोस्ट का जवाब देते हुए लिखा:

“अग्निवेश अग्रवाल का अचानक चले जाना बहुत झकझोर देने वाला और दुखद है। आपके इस भावुक संदेश से आपके गम की गहराई साफ दिख रही है। दुआ है कि आप और आपका परिवार लगातार हिम्मत और ताकत पाएं। ओम शांति।”

पटना से अजमेर तक का सफर
अग्निवेश अग्रवाल का जन्म 3 जून 1976 को बिहार के पटना में हुआ था। उनकी शुरुआती शिक्षा अजमेर के प्रतिष्ठित मेयो कॉलेज से हुई थी। व्यक्तिगत जीवन की बात करें तो अग्निवेश का विवाह देश के एक और बड़े औद्योगिक घराने में हुआ था। उनकी पत्नी पूजा बांगर हैं, जो श्री सीमेंट के मैनेजिंग डायरेक्टर हरि मोहन बांगर की बेटी हैं। अग्निवेश की बहन प्रिया अग्रवाल हेब्बर हैं, जो वर्तमान में हिंदुस्तान जिंक की चेयरपर्सन और वेदांता में नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
कारोबारी जगत में योगदान
अग्निवेश अग्रवाल केवल एक उद्योगपति के बेटे ही नहीं, बल्कि खुद भी एक सफल बिजनेस लीडर थे। उन्होंने वेदांता ग्रुप की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वे वेदांता की कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (TSPL) के बोर्ड सदस्य थे और 2019 तक हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के चेयरमैन भी रहे।
उनके नेतृत्व में हिंदुस्तान जिंक ने माइनिंग तकनीक को आधुनिक बनाया, जिसे आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बेंचमार्क माना जाता है। इसके अलावा, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में ‘फुजैराह गोल्ड’ (Fujairah Gold) की स्थापना में उनका सबसे बड़ा हाथ था। यह वेदांता ग्रुप की सोने और चांदी की एक बड़ी रिफाइनरी है।
निवेश और संपत्ति
अग्निवेश एक एंजेल इन्वेस्टर भी थे और मुख्य रूप से हेल्थकेयर सेक्टर की कंपनियों में निवेश करते थे। वे तेंगपानी टी कंपनी, स्टरलाइट इन्फ्रास्ट्रक्चर और प्राइमेक्स हेल्थकेयर जैसी कई कंपनियों में निदेशक के पद पर रहे। हालांकि उनकी निजी संपत्ति का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड सार्वजनिक नहीं है, लेकिन वे अनिल अग्रवाल की अरबों की संपत्ति के वारिस थे। एक अनुमान के मुताबिक, 2025 के अंत तक अनिल अग्रवाल की कुल संपत्ति लगभग 3.66 लाख करोड़ रुपये आंकी गई थी।