मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की चार अदालतों को एक ही दिन बम धमकी ईमेल से मचा हड़कंप

मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में बुधवार को न्यायिक परिसरों में अफरा-तफरी तब मच गई, जब चार अलग-अलग अदालतों को एक ही दिन ईमेल से बम धमकी दी गई। पुलिस और बम निष्क्रिय दस्ते ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए पूरे परिसर की तलाशी ली, लेकिन अब तक कहीं से भी कोई विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई है।

रायपुर, बिलासपुर, भोपाल और जबलपुर की अदालतों को यह धमकी लगभग एक ही समय पर मिली। प्रारंभिक जांच में यह ईमेल एक ही स्रोत से भेजा गया प्रतीत हो रहा है। सुरक्षा एजेंसियों ने ईमेल सर्वर और भेजने वाले के आईपी एड्रेस की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, अदालतों में तलाशी अभियान

धमकी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस, बम स्क्वॉड और साइबर विशेषज्ञों की टीमों ने अदालत परिसरों को खाली कराया और तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों ने बताया कि खोज के दौरान किसी प्रकार की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। वहीं, अदालतों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और आगंतुकों की एंट्री पर सख्त निगरानी रखी जा रही है।

रायपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि ईमेल की भाषा और पैटर्न अन्य राज्यों में हाल के दिनों में मिले धमकी मेल जैसे ही हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह जांच की जा रही है कि इसका मकसद भय फैलाना था या किसी अन्य उद्देश्य से यह किया गया।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी धमकियां

इससे पहले भी पिछले वर्ष छत्तीसगढ़ में कई प्रशासनिक परिसरों को बम की झूठी धमकी मिल चुकी थी। उस समय सभी मेल विदेश से भेजे गए बताए गए थे। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह साइबर बदमाशों की कारगुजारी हो सकती है, जो सरकारी एजेंसियों को गुमराह करने की कोशिश करते हैं।

मध्यप्रदेश गृह विभाग ने सभी जिलों को अलर्ट जारी किया है और अदालतों सहित अन्य संवेदनशील संस्थानों में साइबर सुरक्षा जांच तेज कर दी गई है।

जांच जारी, साइबर यूनिट सक्रिय

छत्तीसगढ़ पुलिस की साइबर इकाई ने राष्ट्रीय एजेंसियों से तकनीकी सहयोग मांगा है। अधिकारियों ने बताया कि धमकी देने वाले की पहचान जल्द की जाएगी। फिलहाल दोनों राज्यों में अदालत परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी को और मजबूत किया जा रहा है।

पुलिस का कहना है कि इस तरह की घटनाएं आम जनता में भय फैलाने की कोशिश होती हैं, लेकिन प्रशासन किसी भी खतरे को नजरअंदाज नहीं करेगा।