विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं को बेहतर और सुगम दर्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी लगातार नए प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में मंदिर परिसर में रेलिंग लगाने का कार्य शुरू किया गया है, ताकि दर्शन व्यवस्था को व्यवस्थित किया जा सके और भीड़ नियंत्रण में मदद मिल सके।
पीछे और आगे के आंगन में शुरू हुआ रेलिंग कार्य
मंदिर के पीछे की ओर स्थित आंगन में गुरुवार की रात से रेलिंग लगाने का कार्य प्रारंभ किया गया। यह कार्य अगले चार से पांच दिनों में पूरा होने की संभावना है। इसके साथ ही मंदिर के आगे और पीछे दोनों आंगनों में रेलिंग लगाई जा रही है, जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान कतारबद्ध तरीके से आगे बढ़ने में आसानी हो।
श्रद्धालुओं के लिए बनाई जाएंगी सात लाइनें
हाई पावर कमेटी द्वारा बनाई जा रही इस व्यवस्था के तहत कुल सात लाइनें तैयार की जाएंगी। गेट नंबर 2 और गेट नंबर 3 से प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं के लिए तीन-तीन लाइनें होंगी, जबकि गेट नंबर 5 से एक अलग लाइन वीआईपी श्रद्धालुओं के लिए निर्धारित की गई है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि अधिक भीड़ के समय भी दर्शन प्रक्रिया सुचारु रूप से चलती रहे।
फिलहाल ट्रायल के तौर पर की जा रही व्यवस्था
बांके बिहारी हाई पावर कमेटी के सदस्य दिनेश गोस्वामी ने बताया कि फिलहाल यह रेलिंग ट्रायल के रूप में लगाई जा रही है। इसके माध्यम से यह परखा जाएगा कि यह व्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए कितनी उपयोगी और व्यावहारिक साबित होती है। ट्रायल के बाद आवश्यक सुधार और बदलाव किए जा सकते हैं, ताकि किसी को असुविधा न हो।
कम जगह को लेकर उठी चिंता
हालांकि, इस नई व्यवस्था को लेकर कुछ आशंकाएं भी सामने आई हैं। दिनेश गोस्वामी ने स्वयं यह बात स्वीकार की कि रेलिंग के बीच छोड़ी गई जगह कुछ स्थानों पर कम है, जिससे श्रद्धालुओं को निकलने में परेशानी हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वे अपनी बात कमेटी के समक्ष रखेंगे, ताकि जरूरत पड़ने पर स्थान बढ़ाया जा सके और भीड़ के दबाव को कम किया जा सके।
अव्यवस्था से बचाव के लिए उठाया गया कदम
मंदिर में त्योहारों, सप्ताहांत और विशेष अवसरों पर श्रद्धालुओं की संख्या बहुत अधिक हो जाती है। ऐसे में अव्यवस्था और धक्का-मुक्की का खतरा बना रहता है। नई रेलिंग व्यवस्था के माध्यम से श्रद्धालुओं को नियंत्रित तरीके से आगे बढ़ाया जा सकेगा, जिससे सुरक्षा बनी रहे और दर्शन का अनुभव भी बेहतर हो।
श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोपरि
हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी का कहना है कि इस पूरे प्रयास का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा है। यदि ट्रायल के दौरान किसी प्रकार की समस्या सामने आती है, तो उसमें आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। कमेटी का प्रयास है कि हर श्रद्धालु को शांत, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से ठाकुर बांके बिहारी के दर्शन प्राप्त हों।
रेलिंग व्यवस्था पूरी तरह लागू होने के बाद श्रद्धालुओं और सेवायतों की प्रतिक्रिया के आधार पर इसमें और सुधार किए जा सकते हैं। कमेटी का मानना है कि सही प्रबंधन से न केवल भीड़ नियंत्रण आसान होगा, बल्कि मंदिर परिसर में अनुशासन और व्यवस्था भी बनी रहेगी।