इंदौर में जहरीले पानी से हाहाकार, मरने वालों की संख्या 21 हुई, कांग्रेस आज निकालेगी न्याय यात्रा

इंदौर: शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी की आपूर्ति से हुई दो बच्चियों की मौत के मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। इस घटना के विरोध में कांग्रेस ने मंगलवार को ‘न्याय यात्रा’ निकालकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो नगर निगम का घेराव किया जाएगा।

यह मामला तब सामने आया जब भागीरथपुरा क्षेत्र के कई घरों में नलों से गंदा और बदबूदार पानी आने लगा। इसे पीने के बाद लगभग 200 से अधिक लोग, जिनमें बच्चे भी शामिल थे, उल्टी-दस्त जैसी गंभीर बीमारियों की चपेट में आ गए। इलाज के दौरान दो बच्चियों की दुखद मौत हो गई, जिसके बाद स्थानीय निवासियों में भारी गुस्सा है।

क्या है पूरा मामला?

भागीरथपुरा के निवासियों ने कई दिनों पहले ही नगर निगम से दूषित पानी की शिकायत की थी, लेकिन आरोप है कि इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय लोगों के अनुसार, नर्मदा की पाइपलाइन और ड्रेनेज लाइन के आपस में मिल जाने के कारण पानी दूषित हो गया। इस पानी को पीने से लोग बीमार पड़ने लगे और स्थिति गंभीर हो गई। दो बच्चियों की मौत ने इस लापरवाही को एक बड़ी त्रासदी में बदल दिया।

कांग्रेस का प्रदर्शन और प्रमुख मांगें

शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्ढा और नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों ने न्याय यात्रा निकाली। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस ने इस घटना को ‘प्रशासनिक हत्या’ करार देते हुए अपनी मांगें रखी हैं:

  • मृतक बच्चियों के परिवारों को 25-25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।
  • दूषित पानी से बीमार हुए सभी नागरिकों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिले।
  • सभी बीमारों का इलाज पूरी तरह से निःशुल्क कराया जाए।
  • इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यदि 24 घंटे के भीतर इन मांगों पर अमल नहीं किया गया, तो वे नगर निगम मुख्यालय का घेराव कर उग्र आंदोलन करेंगे।

प्रशासन की कार्रवाई

घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की टीमें इलाके में सक्रिय हो गई हैं। प्रभावित क्षेत्र में मेडिकल कैंप लगाकर लोगों की जांच की जा रही है और दवाइयां बांटी जा रही हैं। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि पानी के सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं और पाइपलाइन की मरम्मत का काम भी शुरू कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों को फिलहाल नलों का पानी न पीने और टैंकरों से आपूर्ति किए जा रहे पानी का उपयोग करने की सलाह दी है।