भोपाल के जम्बूरी मैदान में दिखा दुर्लभ पुंगनूर गौ वंश, तिरुपति मंदिर से है खास जुड़ाव

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान में आंध्र प्रदेश का प्रसिद्ध पुंगनूर गौ वंश लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। अपनी छोटी कद-काठी और विशेष धार्मिक महत्व के कारण यह गाय चर्चा का विषय बन गई है। यह वही गाय है जिसे कुछ समय पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर भी देखा गया था।

पुंगनूर गाय आंध्र प्रदेश की एक दुर्लभ और प्राचीन नस्ल है। इसका धार्मिक महत्व बहुत अधिक है, क्योंकि प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी मंदिर में भगवान को चढ़ाया जाने वाला भोग और प्रसाद इसी गाय के दूध से बनी सामग्री से तैयार किया जाता है। इस परंपरा के कारण इस गौ वंश को बेहद पवित्र माना जाता है।

प्रधानमंत्री मोदी से भी है खास कनेक्शन

इस गौ वंश ने देशव्यापी ध्यान तब खींचा था, जब कुछ समय पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर इसकी एक बछिया ‘दीप ज्योति’ को देखा गया था। प्रधानमंत्री के पूजन घर में बछिया के साथ उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चित हुए थे, जिसके बाद पुंगनूर नस्ल की गायों के बारे में जानने की लोगों में उत्सुकता बढ़ गई थी।

क्या हैं पुंगनूर गाय की विशेषताएं?

पुंगनूर नस्ल की गायें अपने छोटे आकार के लिए जानी जाती हैं। इनकी ऊंचाई महज 70 से 90 सेंटीमीटर तक होती है और वजन 115 से 200 किलोग्राम के बीच होता है। छोटे आकार के बावजूद इनके दूध में वसा (fat) की मात्रा काफी अधिक होती है, जो लगभग 8% तक पाई जाती है। इनके दूध को औषधीय गुणों से भरपूर भी माना जाता है।

भोपाल के जंबूरी मैदान में इस विशेष गाय की मौजूदगी ने पशु प्रेमियों और आम लोगों को इसे करीब से देखने का अवसर प्रदान किया है। तिरुपति मंदिर से लेकर प्रधानमंत्री आवास तक अपनी पहचान बना चुकी यह गाय अब भोपाल में लोगों के लिए कौतूहल का विषय बनी हुई है।