मध्य प्रदेश में शीतलहर का कहर जारी, पचमढ़ी 3.6 डिग्री पर कांपा, 16 जनवरी से मौसम में बदलाव के आसार

भोपाल: मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर जारी है और कई इलाके शीतलहर की चपेट में हैं। उत्तरी हवाओं के कारण प्रदेश भर में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है। शुक्रवार को पर्यटन स्थल पचमढ़ी 3.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा। राजधानी भोपाल के तापमान में मामूली बढ़ोतरी हुई, लेकिन ठंड का असर बरकरार है।

मौसम विभाग के अनुसार, एक पश्चिमी विक्षोभ के गुजर जाने के बाद उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं ने मध्य प्रदेश में सिहरन बढ़ा दी है। इसी वजह से प्रदेश के कई जिलों में दिन और रात के तापमान में काफी गिरावट आई है। हालांकि, अगले कुछ दिनों में ठंड से मामूली राहत मिलने की उम्मीद है।

प्रमुख शहरों में तापमान की स्थिति

प्रदेश के अलग-अलग शहरों में तापमान सर्द बना हुआ है। शुक्रवार को राजधानी भोपाल का न्यूनतम तापमान 0.7 डिग्री की बढ़ोतरी के साथ 7.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मैदानी इलाकों में ग्वालियर 4.5 डिग्री के साथ सबसे ठंडा रहा।

अन्य प्रमुख शहरों की बात करें तो इंदौर में न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री, जबलपुर में 7.0 डिग्री और उज्जैन में 10.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इन शहरों में भी सुबह और शाम के समय ठंड का प्रभाव अधिक रहा।

16 जनवरी से बदलेगा मौसम का मिजाज

मौसम वैज्ञानिकों ने पूर्वानुमान जताया है कि 16-17 जनवरी के आसपास एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इस सिस्टम के प्रभाव से आसमान में बादल छाएंगे और हवाओं का रुख बदलेगा, जिससे न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी होगी। इसके चलते लोगों को भीषण ठंड और शीतलहर से कुछ दिनों के लिए राहत मिल सकती है।

हालांकि, मौसम विभाग ने ग्वालियर-चंबल संभाग में घने कोहरे और कुछ जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के गुजर जाने के बाद तापमान में एक बार फिर गिरावट आ सकती है और ठंड का दौर लौट सकता है। लोगों को अभी कुछ और दिन ठंड से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।