माघ मेले के बीच प्रयागराज में सनसनी, बंद दुकान पर फेंके गए तीन बम, पुलिस अलर्ट

प्रयागराज: तीर्थराज प्रयाग में चल रहे माघ मेले के हाई-सिक्योरिटी जोन में मंगलवार सुबह बमबाजी की घटना से सनसनी फैल गई। यहां सेक्टर-2 में स्थित महंत हरि चैतन्य ब्रह्मचारी के शिविर को निशाना बनाकर एक बाइक सवार बदमाश ने बम फेंका और फरार हो गया। इस हमले से पूरे मेला क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

धमाके की आवाज सुनकर आसपास के शिविरों में मौजूद लोग और श्रद्धालु दहशत में आ गए। घटना की सूचना मिलते ही दारागंज थाने की पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है। गनीमत रही कि हमले के वक्त महंत अपने शिविर में मौजूद नहीं थे।

सीसीटीवी फुटेज बना अहम सुराग

पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग घटनास्थल के पास लगा एक सीसीटीवी कैमरा बना है। पूरी वारदात इस कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में साफ दिख रहा है कि एक बाइक सवार व्यक्ति, जिसने अपनी पहचान छिपाने के लिए हेलमेट और जैकेट पहन रखा है, शिविर के पास आता है। वह कुछ देर रुकता है और फिर बम फेंककर तेजी से मौके से फरार हो जाता है। पुलिस अब इस फुटेज के आधार पर हमलावर की पहचान करने और उसकी तलाश में जुट गई है।

मिर्जापुर के भूमि विवाद से जुड़ रहे तार

पुलिस की शुरुआती जांच में इस हमले के पीछे मिर्जापुर के एक पुराने भूमि विवाद की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, महंत हरि चैतन्य ब्रह्मचारी मिर्जापुर स्थित टीकर माफी आश्रम से जुड़े हुए हैं। उनका वहां जमीन को लेकर कुछ लोगों से पुराना विवाद चल रहा है।

सूत्रों का कहना है कि महंत पर पहले भी इस विवाद को लेकर हमले हो चुके हैं। माना जा रहा है कि यह बमबाजी भी उसी रंजिश का हिस्सा हो सकती है और इसका मकसद महंत को डराना-धमकाना था। पुलिस इस एंगल पर गंभीरता से जांच कर रही है और मिर्जापुर पुलिस से भी संपर्क साध रही है।

जांच में जुटी पुलिस की टीमें

घटना के समय महंत हरि चैतन्य ब्रह्मचारी शिविर में नहीं थे, लेकिन उनके शिष्य महामंडलेश्वर संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा वहां मौजूद थे। पुलिस ने उनसे और शिविर के अन्य लोगों से पूछताछ की है। दारागंज थाने में अज्ञात हमलावर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज एक महत्वपूर्ण सबूत है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना ने माघ मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।