Indore News : इंदौर शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी के कारण मौतों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। एक और महिला की मौत हो गई, जिसके बाद इस त्रासदी में जान गंवाने वालों की संख्या 22 तक पहुंच गई है।
मृतक की पहचान 59 वर्षीय कमला बाई के रूप में हुई है। हालाकि, प्रशासन ने इस मौत को दूषित पानी से हुई मौतों की आधिकारिक सूची में शामिल नहीं किया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कमला बाई को 5-6 जनवरी से उल्टी-दस्त की शिकायत थी। हालत बिगड़ने पर उन्हें 7 जनवरी को एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 9 जनवरी को इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। वह करीब 20 दिन पहले ही अपने पति के साथ जीवन की फेल इलाके से भागीरथपुरा में रहने आई थीं।
मौत के कारण पर प्रशासन का अलग दावा
प्रशासन ने इस मौत को दूषित पानी से जोड़ने से इनकार किया है। अधिकारियों के अनुसार, महिला का आधार कार्ड पुराने पते (जीवन की फेल) का था, जिसके कारण इसे भागीरथपुरा मामले में दर्ज नहीं किया गया।
सूत्रों के मुताबिक बताया जा रहा है कि एमवाय अस्पताल में कमला बाई को भागीरथपुरा के मरीजों की यूनिट में भर्ती नहीं किया गया था। महिला पिछले एक साल से किडनी की बीमारी से भी पीड़ित थी। यह मेडिको-लीगल केस नहीं होने के कारण उनका पोस्टमॉर्टम भी नहीं कराया गया।
अस्पतालों में स्थिति अब भी चिंताजनक
इस बीच, शहर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती मरीजों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। आईसीयू में भर्ती मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 8 जनवरी को जहां आईसीयू में 10 मरीज थे, वहीं 11 जनवरी तक यह आंकड़ा बढ़कर 13 हो गया। इसके अलावा, 4 मरीजों की हालत बेहद नाजुक है और उन्हें कई दिनों से वेंटिलेटर पर रखा गया है। इलाके में अब भी डर का माहौल है और लोग बोतलबंद या आरओ का पानी इस्तेमाल करने को मजबूर हैं।
स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम सक्रिय
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की टीमें लगातार सक्रिय हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, 50 दलों ने प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे किया। 176 स्वास्थ्यकर्मियों ने 924 घरों का दौरा कर ORS पैकेट और जिंक की गोलियां बांटीं।
नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने भी रविवार को इलाके का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को टैंकरों से स्वच्छ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने, ड्रेनेज लाइनों की सफाई करने और सरकारी बोरिंग में क्लोरीनेशन करने के सख्त निर्देश दिए हैं। लोगों को पानी उबालकर पीने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है।