MP में भावांतर योजना की वापसी, CM मोहन यादव का ऐलान- MSP से कम दाम पर सरकार देगी अंतर की राशि

भोपाल: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने राज्य के किसानों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की है कि प्रदेश में एक बार फिर ‘भावांतर भुगतान योजना’ को लागू किया जाएगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी उपज, विशेषकर सोयाबीन और मक्का जैसी फसलों के बाजार भाव में गिरावट से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाना है।

यह महत्वपूर्ण घोषणा मुख्यमंत्री ने इंदौर में आयोजित एक किसान सम्मान समारोह के दौरान की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

किसानों को कैसे मिलेगा ‘दोगुना लाभ’?

भावांतर भुगतान योजना के तहत, यदि किसी फसल का बाजार मूल्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से नीचे चला जाता है, तो सरकार बाजार मूल्य और MSP के बीच के अंतर की राशि (भावांतर) की भरपाई करेगी। यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से जमा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस व्यवस्था को किसानों के लिए ‘दोहरा लाभ’ करार दिया है, क्योंकि इससे उन्हें अपनी उपज का उचित दाम मिलने की गारंटी होगी और उन्हें मंडी में औने-पौने दाम पर फसल बेचने को मजबूर नहीं होना पड़ेगा।

शिवराज सरकार की फ्लैगशिप योजना की वापसी

गौरतलब है कि भावांतर भुगतान योजना पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल की एक प्रमुख और सफल योजना मानी जाती थी। इसे किसानों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी। अब मोहन यादव सरकार ने इसे फिर से धरातल पर उतारने का फैसला किया है, ताकि किसानों को बाजार के जोखिमों से सुरक्षा प्रदान की जा सके। इस योजना से सरकार पर सीधे तौर पर अनाज खरीदने का दबाव भी कम होता है।

क्या है भावांतर भुगतान योजना?

यह एक मूल्य अंतर भुगतान योजना है, जिसका उद्देश्य फसल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के जोखिम को कम करना है। इस मॉडल में, किसान अपनी उपज को अधिसूचित मंडी में बेचता है। यदि बिक्री मूल्य घोषित MSP से कम है, तो सरकार उस अंतर का भुगतान किसान को करती है। यह योजना किसानों को बिना सरकारी खरीद के MSP का लाभ सुनिश्चित करती है और उन्हें बाजार की अनिश्चितताओं से बचाती है। सरकार के इस कदम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किसानों की आय दोगुनी करने के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।