नई दिल्ली: हिंदू धर्म में मकर संक्रांति का पर्व सूर्य देव की उपासना और दान-पुण्य के लिए विशेष महत्व रखता है। साल 2026 में यह पर्व 14 जनवरी, बुधवार को मनाया जाएगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन किए गए उपायों से ग्रहों के अशुभ प्रभाव को कम किया जा सकता है, विशेषकर शनि देव से संबंधित कष्टों में राहत पाई जा सकती है।
ज्योतिष में शनि को कर्मफल दाता कहा गया है और उनकी साढ़ेसाती व ढैय्या के दौरान व्यक्ति को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन कुछ विशेष चीजों का दान करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं और उनके प्रकोप से शांति मिलती है। आइए जानते हैं उन पांच वस्तुओं के बारे में जिनका दान इस दिन बेहद शुभ माना गया है।
काले तिल का दान
मकर संक्रांति पर तिल का विशेष महत्व है। ज्योतिष के अनुसार, काले तिल का संबंध शनि देव से है। इस दिन काले तिल या इससे बनी वस्तुओं का दान करने से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव कम होते हैं। ऐसा करने से शनि देव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-शांति आती है।
खिचड़ी का दान
मकर संक्रांति को कई जगहों पर ‘खिचड़ी पर्व’ भी कहा जाता है। इस दिन चावल और काली उड़द की दाल से बनी खिचड़ी का दान करना बहुत पुण्यकारी माना जाता है। काली उड़द दाल भी शनि देव का प्रतिनिधित्व करती है। इसका दान करने से कुंडली में मौजूद ग्रह दोष शांत होते हैं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से छुटकारा मिलता है।
गुड़ का दान
गुड़ का संबंध सूर्य और गुरु ग्रह से माना जाता है। मकर संक्रांति के दिन गुड़ का दान करने से कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है, जिससे व्यक्ति को मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है। साथ ही गुरु ग्रह की कृपा से करियर और व्यापार में सफलता मिलती है।
काले कंबल का दान
इस दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति को काले रंग के कंबल का दान करना एक महाउपाय माना जाता है। मान्यता है कि इससे न केवल शनि देव प्रसन्न होते हैं, बल्कि छाया ग्रह राहु और केतु के अशुभ प्रभावों से भी बचाव होता है। यह दान जीवन में आ रही बाधाओं को दूर करने में सहायक होता है।
घी का दान
शास्त्रों में घी को सूर्य और बृहस्पति ग्रह से जोड़ा गया है। मकर संक्रांति के दिन शुद्ध घी का दान करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इससे परिवार में सुख-समृद्धि आती है और व्यक्ति को हर कार्य में सफलता प्राप्त होती है। यह उपाय भौतिक सुखों की प्राप्ति के लिए भी उत्तम माना गया है।
(यह जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं और धार्मिक आस्था पर आधारित है। किसी भी उपाय को करने से पहले विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है।)