इंदौर में आज से हर मंगलवार होगी ‘जल सुनवाई’, 85 वार्डों की टंकियों पर सीधे सुनी जाएंगी पानी की समस्याएं

इंदौर | देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में अब नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। नगर निगम ने ‘स्वच्छ जल अभियान’ के तहत ‘जल सुनवाई’ नामक एक नई पहल शुरू की है, जो आज यानी 13 जनवरी से प्रभावी हो गई है।

इस कार्यक्रम के अंतर्गत, शहर के सभी 85 वार्डों में स्थित पेयजल टंकियों पर हर मंगलवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक जनसुनवाई का आयोजन किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य पानी से जुड़ी समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान निकालना है, जिससे लोगों को बेहतर सुविधा मिल सके।

क्या है जल सुनवाई का उद्देश्य?

नगर निगम द्वारा शुरू की गई यह जल सुनवाई एक ऐसा मंच है जहाँ नागरिक सीधे अधिकारियों के सामने अपनी पानी संबंधी शिकायतें और सुझाव रख सकते हैं। इसमें गंदे पानी की आपूर्ति, अनियमित जल वितरण, पाइपलाइन लीकेज, अवैध कनेक्शन या पानी के कम दबाव जैसी समस्याओं को प्रमुखता से सुना जाएगा।

प्रत्येक मंगलवार को निर्धारित दो घंटों के दौरान, संबंधित जोन के अधिकारी और कर्मचारी पेयजल टंकी पर मौजूद रहेंगे। वे न केवल शिकायतों को दर्ज करेंगे, बल्कि उनके जल्द से जल्द निवारण के लिए मौके पर ही निर्देश भी देंगे। इस पहल से उम्मीद है कि समस्याओं के समाधान में लगने वाला समय कम होगा और व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी।

महापौर और आयुक्त की अपील

इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव और नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने शहरवासियों से इस अभियान को सफल बनाने के लिए सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नागरिकों की भागीदारी के बिना कोई भी अभियान अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकता।

“हमारा लक्ष्य हर घर तक स्वच्छ और पर्याप्त पानी पहुंचाना है। यह जल सुनवाई सीधे संवाद का एक माध्यम है, जिससे हम जमीनी स्तर पर समस्याओं को समझकर उनका तत्काल समाधान कर सकेंगे। मैं सभी इंदौरवासियों से आग्रह करता हूँ कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं।” — पुष्यमित्र भार्गव, महापौर

यह पहल इंदौर को न केवल स्वच्छता में, बल्कि नागरिक सुविधाओं और जन-भागीदारी में भी एक मॉडल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।