Indore News : जानलेवा चाइनीज मांझे से हो रही मौतों को लेकर इंदौर हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। सोमवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अगर किसी व्यक्ति की मौत प्रतिबंधित चाइनीज मांझे से होती है, तो आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) के तहत गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाएगा। यह फैसला इंदौर में हाल ही में हुईं तीन मौतों के बाद आया है।
कोर्ट ने प्रतिबंध के बावजूद लगातार हो रही जानलेवा घटनाओं को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया और कहा कि इसे रोकने के लिए कठोर कदम उठाने की तत्काल आवश्यकता है। मकर संक्रांति के त्योहार को देखते हुए यह फैसला और भी महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि इस दौरान पतंगबाजी काफी बढ़ जाती है।
नाबालिगों पर शिकंजा, माता-पिता होंगे जिम्मेदार
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी साफ कर दिया है कि चाइनीज मांझा बेचने या इस्तेमाल करने वाले किसी भी व्यक्ति पर सीधी आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, अगर कोई नाबालिग प्रतिबंधित मांझे का उपयोग करते हुए पकड़ा जाता है, तो उनके माता-पिता या अभिभावकों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा और उनके खिलाफ भी मामला दर्ज होगा।
कोर्ट में गूंजा दर्द, महिला वकील ने सुनाई आपबीती
सुनवाई के दौरान माहौल उस वक्त गंभीर हो गया, जब महिला एडवोकेट कविता उइके ने अपना दर्द बयां किया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि कैसे चाइनीज मांझे से उनका गला कट गया था। अपनी जान बचाने के लिए जब उन्होंने मांझे को हाथ से तोड़ा, तो उनकी हथेली भी बुरी तरह जख्मी हो गई। इस घटना पर कोर्ट ने संवेदना व्यक्त करते हुए शासन को कार्रवाई और सख्त करने के निर्देश दिए।
सरकार की दलीलें और अगली सुनवाई
सरकार की ओर से कोर्ट में बताया गया कि चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है और बिक्री रोकने के लिए भी कार्रवाई हो रही है। इस पर न्यायमित्र सीनियर एडवोकेट विवेक शरण ने सुझाव दिया कि इंदौर और आसपास के 14 जिलों से कार्ययोजना की रिपोर्ट तलब की जानी चाहिए। कोर्ट ने इस सुझाव को मानते हुए मामले की अगली सुनवाई 16 जनवरी को तय की है।