बसंत पंचमी से पहले धार भोजशाला में अखंड हवन, संत अवधेश गिरी महाराज ने पूरे दिन पूजा की मांग की

धार: ऐतिहासिक भोजशाला में 23 जनवरी को होने वाली बसंत पंचमी से ठीक पहले हिंदू समाज ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। मंगलवार को यहां सूर्योदय से सूर्यास्त तक चलने वाले अखंड हवन-पूजन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

इस विशेष अवसर पर उज्जैन से पधारे डॉ. अवधेश गिरी जी महाराज और ज्योतिषाचार्य डॉ. विद्या गिरी ने भी यज्ञ में आहुतियां दीं।
बसंत पंचमी से पहले यह आखिरी मंगलवार था, जिसके कारण भोजशाला परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। लोगों ने मां सरस्वती का आशीर्वाद लेने के लिए अखंड हवन में भाग लिया और प्रार्थना की।
‘भोजशाला मध्य प्रदेश की अयोध्या है’
इस अवसर पर डॉ. अवधेश गिरी जी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदू समाज की एकता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने भोजशाला को मां वागदेवी और सरस्वती का पवित्र मंदिर बताते हुए अयोध्या का उदाहरण दिया।
“जिस प्रकार अयोध्या में हिंदू समाज ने संघर्ष के बाद अपने अधिकार प्राप्त किए, उसी तरह मध्य प्रदेश की अयोध्या कही जाने वाली भोजशाला भी जल्द ही अपने वास्तविक स्वरूप में सामने आएगी। इसका हर पत्थर इसके मंदिर होने का प्रमाण देता है।” 

उन्होंने कहा कि जितनी अधिक संख्या में हिंदू समाज भोजशाला पहुंचेगा, उतनी ही मजबूती से सूर्योदय से सूर्यास्त तक अखंड हवन-पूजन संपन्न होगा।
सरकार से पूरे दिन पूजा के आदेश की मांग
डॉ. गिरी ने केंद्र और राज्य दोनों में भाजपा सरकार होने का जिक्र करते हुए प्रदेश सरकार से एक महत्वपूर्ण मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को बसंत पंचमी के दिन भोजशाला में पूरे दिन पूजा-अर्चना करने के लिए एक स्पष्ट आदेश जारी करना चाहिए, ताकि श्रद्धालु बिना किसी बाधा के उत्सव मना सकें। उन्होंने समाज से जातिवाद और भेदभाव को भूलकर एकजुट होने का भी आह्वान किया।