इंदौर शहर की पेयजल व्यवस्था को नई दिशा देने की ओर एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया जा रहा है। नगर के तेजी से बढ़ते विस्तार और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा एक अत्यंत महत्वाकांक्षी जल प्रदाय योजना को साकार किया जा रहा है। इसी कड़ी में माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी द्वारा 14 जनवरी 2026 को दोपहर 12 बजे राजेंद्र नगर स्थित लता मंगेशकर ऑडिटोरियम में अमृत 2.0 इंदौर जलप्रदाय योजना पैकेज–1 के अंतर्गत 800 करोड़ 19 लाख रुपये की लागत से बनने वाली परियोजना का विधिवत भूमि पूजन किया जाएगा।
महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव एवं नगर निगम आयुक्त श्री क्षितिज सिंघल ने जानकारी देते हुए बताया कि यह परियोजना इंदौर की पेयजल व्यवस्था को मजबूत, आधुनिक और दीर्घकालिक समाधान प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। इस योजना के माध्यम से न केवल वर्तमान जल संकट का समाधान होगा, बल्कि आने वाले वर्षों में बढ़ने वाली आबादी की जरूरतों को भी ध्यान में रखा गया है, ताकि शहरवासियों को निर्बाध और स्वच्छ जल उपलब्ध कराया जा सके।
इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत जलूद एवं ग्राम भकलाय क्षेत्र में 1650 एमएलडी क्षमता का एक अत्याधुनिक नया इन्टेकवेल निर्मित किया जाएगा। यह इन्टेकवेल नर्मदा जल की अधिक मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित करेगा, जिससे शहर तक जल आपूर्ति की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इसके साथ ही 2235 एमएम व्यास की रॉ-वॉटर एवं क्लियर वॉटर पंपिंग मेन का निर्माण किया जाएगा, जिससे जल परिवहन और वितरण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और सुचारु हो सकेगी।
परियोजना में निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विद्युत व्यवस्था को भी सशक्त बनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत 11 केवी, 33 केवी एवं 132 केवी क्षमता के विद्युत सब-स्टेशनों का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे जल प्रदाय प्रणाली को सतत बिजली आपूर्ति मिल सके। यह व्यवस्था तकनीकी बाधाओं को कम करने और आपात स्थितियों में भी जल आपूर्ति को बनाए रखने में सहायक सिद्ध होगी।
जल की गुणवत्ता को सर्वोच्च मानकों के अनुरूप बनाए रखने के उद्देश्य से इस परियोजना में 400 एमएलडी क्षमता का अत्याधुनिक जलशोधन संयंत्र भी स्थापित किया जाएगा। यह संयंत्र आधुनिक तकनीकों से युक्त होगा, जिससे नागरिकों को शुद्ध, सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। इसके अतिरिक्त जल दबाव को संतुलित रखने और वितरण प्रणाली को मजबूत करने के लिए 12 एमएलडी क्षमता का ब्रेक प्रेशर टैंक भी निर्मित किया जाएगा, जिससे शहर के विभिन्न क्षेत्रों में समान रूप से जल पहुंच सकेगा।
महापौर एवं आयुक्त ने बताया कि यह परियोजना केवल निर्माण कार्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके अंतर्गत अगले 10 वर्षों तक संचालन एवं संधारण की जिम्मेदारी भी शामिल की गई है। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि परियोजना के पूर्ण होने के बाद भी जल आपूर्ति व्यवस्था सुचारु, सुरक्षित और टिकाऊ बनी रहे तथा किसी भी तकनीकी या संरचनात्मक समस्या का समय पर समाधान किया जा सके।
इस ऐतिहासिक भूमि पूजन कार्यक्रम के अवसर पर माननीय मंत्रीगण, सांसदगण, विधायकगण, सभापति, महापौर परिषद के सदस्य, अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहेंगे। यह आयोजन इंदौर शहर के विकास में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है, जिससे आने वाले समय में नागरिकों को बेहतर जीवन सुविधाएं और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।