इंदौर शहर में चाइनीज मांझे का खतरा लगातार जानलेवा साबित हो रहा है। प्रशासन और पुलिस की सख्ती के बावजूद हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन कोई न कोई राहगीर, दोपहिया वाहन चालक या आम नागरिक इसकी चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो रहा है। बुधवार को एक बार फिर ऐसा ही भयावह मामला सामने आया, जिसने शहर की सुरक्षा व्यवस्था और लोगों की लापरवाही दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बुधवार को तीन इमली ब्रिज पर हेमराज चौरसिया नामक युवक अचानक चाइनीज मांझे की चपेट में आ गया। मांझा इतनी तेज और धारदार था कि युवक का गला कट गया। हादसे के बाद वह सड़क पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत उसे संभालने की कोशिश की गई। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों को झकझोर कर रख देने वाला है।
घायल युवक को तत्काल गंभीर हालत में एमवाय अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक, गले में गहरी चोट होने के कारण उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं यह हादसा एक बार फिर साबित करता है कि चाइनीज मांझा कितना जानलेवा हो सकता है, खासकर खुले इलाकों और ब्रिज जैसे स्थानों पर।
इसी दिन शहर के परदेशीपुरा क्षेत्र में एक और मामला सामने आया। नंदानगर निवासी महेश सोनी चाइनीज मांझे की चपेट में आ गए, जिससे उनके गले में गंभीर चोट आई। उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने बताया कि मांझे की धार इतनी तेज थी कि थोड़ी सी भी देर जानलेवा साबित हो सकती थी। महेश सोनी के परिवार में इस घटना के बाद दहशत का माहौल है।
तीसरा हादसा जूनी इंदौर क्षेत्र में हुआ, जहां प्रेम भंडारी चाइनीज मांझे से घायल हो गए। हालांकि उनकी चोटें अपेक्षाकृत कम गंभीर थीं, लेकिन फिर भी गले पर कट लगने के कारण उन्हें तीन टांके लगाने पड़े। लगातार हो रहे इन हादसों से साफ है कि शहर के अलग-अलग इलाकों में चाइनीज मांझे का उपयोग अब भी खुलेआम किया जा रहा है।
इन घटनाओं के बीच पुलिस भी लोगों को जागरूक करने के लिए मैदान में उतरी है। मंगलवार को पुलिस ने शहर के कई इलाकों में रैली निकालकर चाइनीज मांझे के खिलाफ अभियान चलाया। तिलक नगर थाना प्रभारी मनीष लोधा ने कॉलोनियों में लोगों को इकट्ठा कर चाइनीज मांझे की खतरनाक धार को प्रत्यक्ष रूप से दिखाया। उन्होंने मांझे से सब्जी काटकर यह समझाया कि यह आम धागा नहीं, बल्कि किसी ब्लेड या चाकू से कम नहीं है।
टीआई मनीष लोधा ने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि चाइनीज मांझा “ब्लैक” की तरह काम करता है, जो पलभर में इंसान की जान ले सकता है। पुलिस ने इस दौरान लोगों को शपथ भी दिलाई कि वे न तो खुद चाइनीज मांझे से पतंग उड़ाएंगे और न ही दूसरों को ऐसा करने देंगे। इसके बावजूद लगातार हो रहे हादसे यह दिखाते हैं कि जागरूकता और सख्ती दोनों की अभी और ज्यादा जरूरत है।
कुल मिलाकर, इंदौर में चाइनीज मांझा अब सिर्फ एक कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि आम लोगों की जान से जुड़ा गंभीर खतरा बन चुका है। जब तक समाज खुद जिम्मेदारी नहीं लेगा और ऐसे खतरनाक मांझे के इस्तेमाल को पूरी तरह बंद नहीं किया जाएगा, तब तक ऐसे दर्दनाक हादसे रुकना मुश्किल है।