मध्यप्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान हल्की ठंड और शीत लहर का प्रभाव बना रहा। हालांकि ठंड का असर ज्यादा तीखा नहीं रहा, लेकिन सुबह और देर रात सर्द हवाओं ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर किया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार प्रदेश के किसी भी जिले में फिलहाल बारिश की संभावना नहीं है। वहीं कई जिलों में सुबह के समय हल्का कोहरा छाया रहा, जिससे आम जनजीवन और दृश्यता पर असर पड़ा। इसी को देखते हुए मौसम विभाग ने कोहरे को लेकर सतर्कता बरतने की चेतावनी जारी की है।
तापमान में खास बदलाव नहीं, मौसम स्थिर
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव दर्ज नहीं किया गया। भोपाल, नर्मदापुरम और उज्जैन संभाग के जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से 1.6 डिग्री सेल्सियस से 2.1 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रहा। वहीं अन्य संभागों में अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास ही दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान की बात करें तो नर्मदापुरम संभाग में यह सामान्य से करीब 2.1 डिग्री अधिक रहा, जबकि बाकी हिस्सों में तापमान सामान्य बना रहा।
कहां सबसे ज्यादा ठंड और कहां सबसे ज्यादा गर्मी
प्रदेश में सबसे ठंडा इलाका शहडोल जिले का कल्याणपुर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सुबह के समय यहां ठंड का असर साफ नजर आया। दूसरी ओर सबसे अधिक गर्मी नर्मदापुरम में देखने को मिली, जहां अधिकतम तापमान 30.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन में हल्की धूप निकलने से लोगों को कुछ राहत जरूर मिली।
इन जिलों में कोहरे की चेतावनी
मौसम विभाग ने आने वाले समय को देखते हुए प्रदेश के कई जिलों में हल्के कोहरे की संभावना जताई है। ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, रीवा, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में सुबह के समय कहीं-कहीं कोहरा छा सकता है। IMD ने वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है, क्योंकि कोहरे के चलते दृश्यता कम हो सकती है और सड़क, रेल व हवाई यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
यात्रियों के लिए जरूरी सावधानियां
मौसम विभाग ने सलाह दी है कि कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय फॉग लाइट या लो-बीम हेडलाइट का उपयोग करें। तेज रफ्तार से बचें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें। अनावश्यक यात्रा से बचना बेहतर रहेगा, खासकर सुबह के समय जब कोहरा ज्यादा घना होता है। इससे दुर्घटनाओं का खतरा कम किया जा सकता है।
किसानों और पशुपालकों के लिए सलाह
लंबे समय तक बने रहने वाले कोहरे के कारण खेतों में नमी बढ़ सकती है, जिससे फसलों में रोग लगने की आशंका रहती है। किसानों को रबी फसलों की बुवाई जल्द पूरी करने और मिट्टी की नमी पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है। वहीं पशुपालकों को पशु शालाओं में उचित वेंटिलेशन रखने, जानवरों को ठंड से बचाने और उन्हें गुनगुना पानी पिलाने की हिदायत दी गई है, ताकि पशुओं के स्वास्थ्य पर ठंड का नकारात्मक असर न पड़े।