मैच से पहले महादेव की शरण में विराट कोहली, चंदन तिलक के साथ किए महाकाल के दर्शन

टीम इंडिया का क्रिकेट के साथ-साथ आस्था से जुड़ाव किसी से छिपा नहीं है। देश हो या विदेश, जब भी मैच किसी ऐसे स्थान पर होता है, जहां कोई प्रसिद्ध तीर्थ या देवस्थान मौजूद हो और खिलाड़ियों के पास समय मिले, तो वे वहां दर्शन के लिए जरूर पहुंचते हैं। खिलाड़ियों का मानना है कि मैदान पर उतरने से पहले ईश्वर का आशीर्वाद मन को शांति देता है और आत्मविश्वास को भी मजबूत करता है। यही वजह है कि टीम इंडिया के कई खिलाड़ी समय-समय पर मंदिरों, आश्रमों और संतों के दर्शन करते नजर आते हैं।

पूर्व कप्तान विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा का आध्यात्मिक झुकाव पहले भी कई बार चर्चा में रहा है। नैनीताल के पास स्थित कैंची धाम में नीम करौली बाबा के दर्शन हों या फिर वृंदावन में प्रेमानंद जी महाराज से मुलाकात—इन पलों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए थे। इन दृश्यों में विराट और अनुष्का पूरी तरह साधारण, शांत और श्रद्धा में डूबे नजर आए, जिसने उनके प्रशंसकों को भी भावुक कर दिया।

अब एक बार फिर विराट कोहली चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह है उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में उनका दर्शन। 18 तारीख को भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच वनडे सीरीज़ का आखिरी और निर्णायक मुकाबला इंदौर में खेला जाना है। इस अहम मैच से पहले टीम इंडिया के कोच और कई खिलाड़ियों ने उज्जैन पहुंचकर महादेव के दरबार में हाजिरी लगाई। माना जा रहा है कि टीम ने मैच से पहले सफलता और अच्छे प्रदर्शन की कामना की।

इसी दौरान विराट कोहली और कुलदीप यादव की महाकाल मंदिर की प्रसिद्ध ‘भस्म आरती’ में शामिल होने की तस्वीरें सामने आईं। इन तस्वीरों में दोनों खिलाड़ी पारंपरिक श्रद्धालु की तरह महाकाल के दर्शन करते दिखे। भस्म आरती के दौरान मंदिर परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति का जो माहौल रहता है, उसमें विराट और कुलदीप पूरी तरह डूबे नजर आए। फैंस के लिए यह दृश्य भी खास रहा, क्योंकि वे अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को मैदान से हटकर आस्था के मार्ग पर चलते देख रहे थे।

दर्शन के बाद कुलदीप यादव ने अपने अनुभव साझा करते हुए बेहद भावुक शब्दों में कहा कि पूरी टीम महाकाल के दर्शन के लिए आई थी और यह अनुभव हमेशा की तरह बहुत अच्छा रहा। उन्होंने कहा कि महाकाल के दर्शन करने से मन को गहरी शांति मिलती है और भीतर एक अलग ही सुकून महसूस होता है। कुलदीप ने यह भी कहा कि वे भगवान से यही प्रार्थना करते हैं कि उनकी कृपा सभी पर बनी रहे, ताकि खिलाड़ी न सिर्फ क्रिकेट में बल्कि अपनी निजी जिंदगी में भी अच्छा कर सकें।

कुलदीप ने आगे कहा कि उनकी दुआ है कि महाकाल पूरी दुनिया को खुश रखें, सभी को चैन और सुख मिले। उन्होंने इस अनुभव को शब्दों में बयां करते हुए कहा कि ऐसे पलों में इंसान खुद को बेहद छोटा महसूस करता है और जीवन के असली मायने समझ में आते हैं। क्रिकेट भले ही उनका पेशा है, लेकिन आस्था उन्हें जमीन से जुड़े रहना सिखाती है।

टीम इंडिया का यह आध्यात्मिक पक्ष एक बार फिर सामने आया है, जहां बड़े मैच से पहले खिलाड़ी भगवान के चरणों में शीश नवाकर मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। अब सभी की नजरें इंदौर में होने वाले निर्णायक मुकाबले पर हैं—देखना होगा कि महाकाल के आशीर्वाद के साथ टीम इंडिया मैदान पर कैसा प्रदर्शन करती है।