मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड ने लोगों की दिनचर्या पूरी तरह से प्रभावित कर दी है। उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में कंपकंपाने वाली सर्दी पड़ रही है। इस सीजन की अब तक की सबसे तीखी ठंड दर्ज की जा रही है, जिसने आम जनजीवन के साथ-साथ यातायात और स्वास्थ्य पर भी असर डाला है। खासतौर पर रात और सुबह के समय ठंड का असर सबसे ज्यादा महसूस किया जा रहा है।
प्रदेश के मंदसौर जिले में ठंड ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यहां न्यूनतम तापमान गिरकर महज 2.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सर्दी का अब तक का सबसे कम तापमान माना जा रहा है। इसके अलावा कटनी के करौंदी में 2.7 डिग्री, शाजापुर के गिरवर में 3.3 डिग्री, शहडोल के कल्याणपुर में 3.5 डिग्री और प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में 3.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। इन इलाकों में सुबह-सुबह लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेते नजर आए।
मौसम विभाग ने ठंड को लेकर अलर्ट भी जारी किया है। शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, कटनी और मैहर जिलों में शीतलहर (कोल्ड वेव) का अलर्ट घोषित किया गया है। विभाग के अनुसार, इन क्षेत्रों में ठंड का प्रकोप अगले कुछ दिनों तक बना रह सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी का सीधा असर मध्यप्रदेश के मौसम पर पड़ रहा है, जिससे तापमान लगातार नीचे जा रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगले 2 से 3 दिन तक प्रदेश में सर्दी से राहत मिलने की संभावना नहीं है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि 19 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो सकता है। यदि यह सिस्टम मजबूत रहा, तो 20 और 21 जनवरी के बाद प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाने और हल्की बारिश की स्थिति भी बन सकती है, जिससे ठंड और बढ़ने के आसार हैं।
ठंड का असर सिर्फ छोटे कस्बों और ग्रामीण इलाकों तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़े शहर भी इसकी चपेट में हैं। ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री, भोपाल में 6 डिग्री, इंदौर में 6.2 डिग्री, उज्जैन में 7.5 डिग्री और जबलपुर में 8.8 डिग्री दर्ज किया गया। रात के समय तेज ठंडी हवाओं के कारण लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं।
सर्दी के साथ-साथ कोहरे ने भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शनिवार सुबह कई जिलों में घना कोहरा देखने को मिला। राजगढ़ में दृश्यता घटकर 50 से 200 मीटर तक रह गई, जबकि भोपाल, ग्वालियर, सतना, दतिया, रीवा और खजुराहो में विजिबिलिटी करीब 1 किलोमीटर रही। इंदौर, उज्जैन, रतलाम, नर्मदापुरम और सागर समेत कई शहरों में 1 से 2 किलोमीटर तक दृश्यता दर्ज की गई।
कोहरे का सीधा असर रेल यातायात पर भी पड़ा है। दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। मालवा एक्सप्रेस, झेलम एक्सप्रेस और सचखंड एक्सप्रेस सबसे ज्यादा प्रभावित बताई जा रही हैं। इसके अलावा पंजाब मेल और जनशताब्दी समेत एक दर्जन से अधिक ट्रेनें अपने तय समय से लेट चल रही हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कुल मिलाकर, मध्यप्रदेश इस समय भीषण ठंड और कोहरे की दोहरी मार झेल रहा है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने, गर्म कपड़े पहनने और सुबह-शाम अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। आने वाले कुछ दिन प्रदेशवासियों के लिए सर्दी के लिहाज से और चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं।