एमपी में रेलवे की बड़ी तैयारी, आधुनिक सेटेलाइट स्टेशन होगा विकसित, जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया होगी शुरू

ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर लगातार बढ़ रही यात्रियों की संख्या अब रेलवे प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। इसी दबाव को कम करने के उद्देश्य से रेलवे ने एक अहम योजना पर काम शुरू कर दिया है। इसके तहत बिरलानगर रेलवे स्टेशन को ग्वालियर का सेटेलाइट स्टेशन यानी सहायक स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। इस पहल से न सिर्फ ग्वालियर स्टेशन पर यात्रियों का भार घटेगा, बल्कि आसपास के इलाकों के लोगों को भी बेहतर रेल सुविधाएं मिल सकेंगी। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए यह कदम बेहद जरूरी हो गया है।

बिरलानगर स्टेशन बनेगा ग्वालियर का सहायक केंद्र

रेलवे अधिकारियों के अनुसार बिरलानगर रेलवे स्टेशन को आने वाले समय में ग्वालियर का प्रमुख सहायक स्टेशन बनाया जाएगा। इसका ब्लू प्रिंट लगभग तैयार हो चुका है, जिसमें प्लेटफार्म की संख्या बढ़ाने, ट्रैक सुधार, सिग्नल सिस्टम को आधुनिक बनाने और ट्रेनों के संचालन की क्षमता बढ़ाने जैसे बिंदुओं को शामिल किया गया है। इसके साथ ही यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रतीक्षालय, पार्किंग, पेयजल, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की भी योजना है। यह पूरा प्रस्ताव अब रेल मुख्यालय के स्तर पर परखा जाएगा।

भविष्य को देखते हुए तय होगी भूमि की आवश्यकता

इस परियोजना की सबसे अहम कड़ी भूमि से जुड़ी हुई है। रेलवे मुख्यालय यह तय करेगा कि आने वाले वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बिरलानगर रेलवे स्टेशन के विस्तार के लिए कितनी जमीन की आवश्यकता होगी। रेल अधिकारियों का कहना है कि स्टेशन के समुचित विकास और भविष्य में यात्री संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त भूमि का प्रावधान बेहद जरूरी है। इसी आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।

भूमि अधिग्रहण में राज्य सरकार से लिया जाएगा सहयोग

रेल प्रशासन के मुताबिक पूरे प्रोजेक्ट में बिरलानगर रेलवे स्टेशन के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण की जरूरत पड़ेगी। इसके लिए प्रदेश शासन से सहयोग लिया जाएगा, ताकि प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके। वहीं सिथौली रेलवे स्टेशन के लिए भी अलग से विकास का खाका तैयार किया गया है। सिथौली में प्लेटफार्म की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने पर जोर दिया गया है, जिससे वहां से भी ट्रेनों का संचालन सुगम हो सके।

दोनों स्टेशनों के विस्तार से ग्वालियर को मिलेगी बड़ी राहत

बिरलानगर और सिथौली रेलवे स्टेशन का दायरा बढ़ने से ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा। यात्रियों को वैकल्पिक स्टेशनों से सफर करने का विकल्प मिलेगा, जिससे भीड़ प्रबंधन आसान होगा और ट्रेनों का संचालन भी ज्यादा व्यवस्थित हो सकेगा। रेलवे का लक्ष्य है कि आने वाले समय में इन दोनों स्टेशनों को ग्वालियर स्टेशन का मजबूत विकल्प और सहायक बनाया जाए।

रेल मुख्यालय की मंजूरी का इंतजार

बिरलानगर और सिथौली रेलवे स्टेशन के विस्तार से जुड़े प्रस्ताव को तैयार कर रेल मुख्यालय भेज दिया गया है। अब रेलवे प्रशासन को इसकी मंजूरी का इंतजार है। मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार के अनुसार, स्वीकृति मिलते ही इस योजना पर तेजी से काम शुरू किया जाएगा। यदि सब कुछ योजना के मुताबिक रहा, तो आने वाले वर्षों में ग्वालियर को एक बेहतर, संतुलित और आधुनिक रेलवे नेटवर्क का लाभ मिलेगा।