छतरपुर जिले में औद्योगिक निवेश को लेकर एक बेहद सकारात्मक और दूरगामी पहल सामने आई है, जो आने वाले वर्षों में जिले की आर्थिक तस्वीर बदल सकती है। पर्यटन नगरी खजुराहो के आसपास अब उद्योगों की आहट सुनाई देने लगी है। सिंगापुर में रह रहे एनआरआई उद्यमी सुरेश अग्रवाल ने जिले में करीब 150 करोड़ रुपए की लागत से आलू आधारित फूड प्रोसेसिंग प्लांट लगाने का प्रस्ताव दिया है। इसके साथ ही लगभग 40 करोड़ रुपए के निवेश से एक बायो फ्यूल प्लांट स्थापित करने की भी योजना है। इन दोनों परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से न सिर्फ जिले में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा मिलेगी।
ढडारी औद्योगिक क्षेत्र में भी बढ़ेगा निवेश का दायरा
जिले के ढडारी औद्योगिक क्षेत्र को भी इस औद्योगिक पहल से बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। यहां निवेश के नए प्रस्ताव सामने आ रहे हैं, जिससे यह क्षेत्र धीरे-धीरे एक औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर सकता है। इसी कड़ी में उद्यमी सीए यस हर्ष अग्रवाल ने लगभग 2.71 करोड़ रुपए के निवेश से मेडिकल उपकरण निर्माण इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य उपकरणों का निर्माण संभव होगा, बल्कि तकनीकी रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
30 एकड़ भूमि पर बनेगा आधुनिक फूड प्रोसेसिंग प्लांट
जिला उद्योग प्रबंधक राजशेखर पांडेय के अनुसार, सिंगापुर की कंपनी के प्रतिनिधियों द्वारा मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा हो चुकी है। कंपनी ने खजुराहो के समीप बमीठा और खर्रोही क्षेत्र में जमीन का निरीक्षण भी कर लिया है। प्रस्तावित फूड प्रोसेसिंग प्लांट करीब 30 एकड़ भूमि पर स्थापित किया जाएगा। जमीन चयन की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है और जल्द ही इसे औपचारिक रूप दिया जा सकता है। यह प्लांट आधुनिक तकनीक से लैस होगा और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप संचालित किया जाएगा।
आलू से तैयार होंगे पौष्टिक और हेल्दी उत्पाद
इस फूड प्रोसेसिंग यूनिट में आलू से कई तरह के मूल्यवर्धित उत्पाद बनाए जाएंगे। खास बात यह है कि यहां बनने वाले फ्रेंच फ्राई जैसे उत्पादों में मैदा की जगह आलू के आटे का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे ये ज्यादा पौष्टिक और स्वास्थ्य के लिए बेहतर होंगे। प्लांट के शुरू होने के बाद जिले के किसानों से सीधे आलू की खरीदी की जाएगी। इससे किसानों को बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी और उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित हो सकेगा।
बायो फ्यूल प्लांट से ऊर्जा क्षेत्र को मिलेगा नया आयाम
खजुराहो के पास ही गरुन गौतम द्वारा करीब 40 करोड़ रुपए की लागत से एक बायो फ्यूल प्लांट लगाने का प्रस्ताव है। यह प्लांट निजी भूमि पर स्थापित किया जाएगा, जहां नेपियर घास से बायो फ्यूल का उत्पादन किया जाएगा। इस बायो फ्यूल की सप्लाई इंडियन ऑयल कंपनी को की जाएगी, जिसके लिए पहले ही 15 वर्षों का एग्रीमेंट किया जा चुका है। अनुमान है कि इस प्लांट से वर्ष 2026 से उत्पादन शुरू हो जाएगा, जिससे हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी अहम कदम उठाया जाएगा।
रोजगार के खुलेंगे हजारों नए अवसर
इन औद्योगिक परियोजनाओं से जिले में रोजगार के बड़े अवसर पैदा होने वाले हैं। फूड प्रोसेसिंग प्लांट में लगभग 200 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। वहीं परिवहन, पैकेजिंग, खेती, कोल्ड स्टोरेज, सप्लाई चेन और अन्य सहायक गतिविधियों के जरिए करीब 3 हजार लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। इससे स्थानीय युवाओं को अपने ही जिले में काम मिलेगा और दूसरे शहरों की ओर पलायन पर भी प्रभावी रोक लगेगी।
किसानों को मिलेगा तकनीक, प्रशिक्षण और बेहतर आय
फूड प्रोसेसिंग प्लांट का सबसे बड़ा लाभ जिले के किसानों को मिलने वाला है। कंपनी की ओर से आलू की खेती के लिए उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, उत्पादन बढ़ाने के तरीके और फसल की गुणवत्ता सुधारने से जुड़ा प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इससे किसानों की लागत घटेगी, उत्पादन बढ़ेगा और खेती एक बार फिर लाभ का सौदा बन सकेगी।
छतरपुर के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम
इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से छतरपुर जिले में औद्योगिक निवेश को नई दिशा मिलेगी। रोजगार, किसानों की आय, स्थानीय बाजार और बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने के साथ-साथ जिले की पहचान एक उभरते औद्योगिक क्षेत्र के रूप में बनने लगेगी। यह पहल सिर्फ छतरपुर ही नहीं, बल्कि पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए विकास की नई राह खोलने वाली साबित हो सकती है।