चांदी ने रचा इतिहास: MCX पर भाव ₹3 लाख के पार, जानिए कितना है गोल्ड का भाव?

कमोडिटी बाजार में आज एक नया इतिहास रचा गया है। 19 जनवरी को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमतें पहली बार 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गई।
कारोबारी सत्र के दौरान चांदी में 14,000 रुपये से अधिक की भारी तेजी दर्ज की गई। इससे पहले शुक्रवार को बाजार बंद होने पर चांदी 2.87 लाख रुपये के करीब कारोबार कर रही थी।
बाजार के जानकारों के लिए यह तेजी चौंकाने वाली है क्योंकि महज एक महीने के भीतर चांदी के भाव में 1 लाख रुपये का इजाफा हुआ है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 15 दिसंबर 2025 के आसपास चांदी ने पहली बार 2 लाख रुपये का आंकड़ा छुआ था। अब यह 3 लाख रुपये के पार निकल चुकी है।
सोना भी रिकॉर्ड ऊंचाई पर
चांदी के साथ-साथ सोने की चमक भी बढ़ी है। इंडियन बुलियन एंड ज्वेलरी एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक, आज 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव 2,385 रुपये उछलकर 1,43,978 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले 14 जनवरी को सोने ने 1,42,152 रुपये का ऑलटाइम हाई बनाया था, जो आज टूट गया है।
साल 2025 सोने के निवेशकों के लिए बेहतरीन साबित हुआ है। 31 दिसंबर 2024 को सोने की कीमत 76,162 रुपये थी, जो 31 दिसंबर 2025 तक बढ़कर 1,33,195 रुपये हो गई। यानी एक साल में सोने ने निवेशकों को करीब 75% का रिटर्न दिया है।
क्यों आ रही है चांदी में इतनी तेजी?
चांदी की कीमतों में इस अभूतपूर्व उछाल के पीछे सबसे बड़ा कारण इंडस्ट्रियल डिमांड है। अब चांदी का इस्तेमाल केवल गहनों तक सीमित नहीं रहा है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और 5G टेक्नोलॉजी में इसका बड़े पैमाने पर उपयोग हो रहा है। इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर ‘ग्रीन एनर्जी’ पर फोकस बढ़ने से इसकी खपत रिकॉर्ड स्तर पर है।
सप्लाई चेन की बाधाएं भी कीमतों को हवा दे रही हैं। चांदी की मांग जिस रफ्तार से बढ़ी है, खनन उत्पादन उस गति से नहीं बढ़ पाया है। चूंकि लगभग 70% चांदी कॉपर और जिंक की माइनिंग के दौरान बाय-प्रोडक्ट के रूप में निकलती है, इसलिए जब तक बेस मेटल्स की खुदाई नहीं बढ़ती, चांदी की सप्लाई सीमित ही रहेगी।
इसके अतिरिक्त, डॉलर इंडेक्स (DXY) में गिरावट ने भी कमोडिटी बाजार को सहारा दिया है। डॉलर इंडेक्स अपने 109 के उच्च स्तर से गिरकर 98 के करीब आ गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में धातुओं की कीमतें बढ़ी हैं।
क्या 4 लाख तक जाएंगे दाम?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेजी अभी थमने वाली नहीं है। अलग-अलग ब्रोकरेज हाउस और एक्सपर्ट्स ने चांदी के भविष्य को लेकर सकारात्मक अनुमान जताए हैं:
  • मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज: सोलर और ईवी की मांग को देखते हुए 2026 में चांदी 3.20 लाख रुपये तक जा सकती है।
  • सैमको सिक्योरिटीज: टेक्निकल चार्ट्स पर मजबूती है, कीमतें 3.94 लाख रुपये तक पहुंचने की संभावना है।
  • रॉबर्ट कियोसाकी: डॉलर की कमजोरी को देखते हुए 2026 में चांदी 200 डॉलर प्रति औंस के स्तर को छू सकती है।
  • नीलेश सुराना: अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती और ग्रीन एनर्जी की मांग से भाव 3.5 से 4 लाख रुपये तक जा सकते हैं।
निवेश के तरीके
विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशक तीन प्रमुख तरीकों से चांदी में पैसा लगा सकते हैं। पहला तरीका फिजिकल सिल्वर (सिक्के या बार) खरीदना है, जिसमें हॉलमार्किंग का ध्यान रखना जरूरी है। दूसरा विकल्प सिल्वर ईटीएफ है, जो शेयर बाजार में ट्रेड होता है और इसमें शुद्धता या चोरी की चिंता नहीं होती। तीसरा तरीका सिल्वर फ्यूचर्स है, जो MCX पर ट्रेड होता है, लेकिन इसमें जोखिम अधिक होता है।