धार भोजशाला में सत्याग्रह: बसंत पंचमी पर अखंड पूजा की मांग, हनुमान चालीसा का पाठ करके संतों ने दी चेतावनी

Dhar News : धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला में बसंत पंचमी पर्व से पहले गहमागहमी तेज हो गई है। मंगलवार को यहां आयोजित नियमित सत्याग्रह में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। बसंत पंचमी से ठीक पहले वाले मंगलवार को हिंदू समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस दौरान भोजशाला के गर्भगृह में मां वाग्देवी का चित्र स्थापित कर हनुमान चालीसा का पाठ किया गया।
सत्याग्रह में देवास से आए कृष्ण गोपाल दास जी महाराज, बलाई समाज संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार और भाजपा जिलाध्यक्ष नीलेश भारती समेत कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन के साथ पूरे परिसर में ‘खाली कर दो रास्ते, भोजशाला के वास्ते’ जैसे नारे लगाए।
शुक्रवार को बसंत पंचमी, प्रशासन अलर्ट
इस वर्ष बसंत पंचमी का पर्व शुक्रवार को आ रहा है। भोजशाला में शुक्रवार को जुमे की नमाज का भी समय रहता है, ऐसे में दो अलग-अलग धार्मिक परंपराओं के टकराव की आशंका को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। मंगलवार को भी पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे और चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी गई।
अखंड पूजा का संकल्प
सत्याग्रह के दौरान संतों और हिंदू संगठनों ने स्पष्ट किया कि बसंत पंचमी पर वे अखंड पूजा करेंगे। कृष्ण गोपाल दास जी महाराज ने मीडिया से बातचीत में अयोध्या का उदाहरण दिया।

“वर्ष में यदि एक दिन पूजा का अवसर मिलता है, तो उस दिन भोजशाला में अखंड पूजा ही होगी। जिस प्रकार अयोध्या में नमाज के लिए अलग स्थान आवंटित किया गया है, उसी तरह धार में भी नमाज के लिए अन्य स्थान निर्धारित किया जाए। हमारा संकल्प अखंड पूजा का है और वह अवश्य पूरा होगा।” — कृष्ण गोपाल दास जी महाराज

तुष्टिकरण के खिलाफ आवाज
बलाई महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार ने भी कड़े शब्दों में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यदि मुस्लिम समाज शांति चाहता है तो उन्हें मंदिरों में नमाज पढ़ना बंद कर देना चाहिए। परमार ने 23 जनवरी शुक्रवार को बसंत पंचमी के दिन सभी सनातनी योद्धाओं को भोजशाला पहुंचने का आह्वान किया है।

“हिंदुस्तान हिंदुओं की भूमि है और यहां पूजा का अधिकार हमारा है। हम कभी यह नहीं कहते कि मस्जिदों में जाकर हनुमान चालीसा का पाठ किया जाए। यदि कोई इस देश में रहकर यहां का अन्न ग्रहण करता है, तो उसे हिंदू देवी-देवताओं के प्रति सम्मान रखना चाहिए।” — मनोज परमार, राष्ट्रीय अध्यक्ष, बलाई समाज संघ

संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि मंदिरों के सामने लगे अवरोधों को तत्काल हटाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो हिंदू समाज निर्णायक आंदोलन के लिए बाध्य होगा। गौरतलब है कि भोजशाला की मुक्ति और मां वाग्देवी की प्रतिमा की पुन: स्थापना को लेकर वर्ष 2003 से ही यहां गर्भगृह में नियमित सत्याग्रह चल रहा है।