शेयर बाजार में कोहराम: सेंसेक्स 1065 अंक टूटकर 82,180 पर बंद, ट्रम्प की ‘ग्रीनलैंड जिद’ से ट्रेड वॉर का खतरा गहराया

Share Market : हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन यानी मंगलवार, 20 जनवरी को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता के बीच सेंसेक्स 1065 अंक (1.28%) टूटकर 82,180 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी में भी 353 अंकों (1.38%) की भारी गिरावट रही और यह 25,233 के स्तर पर आ गया।

बाजार की शुरुआत सुस्त रही थी। निफ्टी 100 अंक नीचे 25,500 के करीब खुला। शुरुआती कुछ घंटों में बाजार ने संभलने की कोशिश जरूर की, लेकिन यह रिकवरी टिक नहीं सकी। दोपहर होते-होते बिकवाली का दबाव इतना बढ़ा कि बाजार धड़ाम हो गया।
ट्रम्प की जिद और ट्रेड वॉर का डर
मार्केट एक्सपर्ट्स इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ‘ग्रीनलैंड जिद’ को मान रहे हैं। ट्रम्प ग्रीनलैंड के संसाधनों के चलते उसे अमेरिका का हिस्सा बनाना चाहते हैं, जिसका यूरोपीय देश कड़ा विरोध कर रहे हैं।
इस विरोध के जवाब में ट्रम्प ने यूरोपीय सहयोगी देशों से होने वाले आयात पर टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है। अमेरिका और यूरोप के बीच पैदा हुए इस नए भू-राजनीतिक तनाव ने ग्लोबल ट्रेड वॉर का खतरा बढ़ा दिया है, जिससे निवेशकों में घबराहट है।
घरेलू मोर्चे पर भी निराशा
सिर्फ विदेशी संकेत ही नहीं, बल्कि घरेलू कारणों ने भी बाजार पर दबाव बनाया। रिलायंस जैसी दिग्गज कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजों में मुनाफे की कमी ने मार्केट सेंटीमेंट को कमजोर किया है। बड़ी कंपनियों के कमजोर प्रदर्शन ने निवेशकों का भरोसा डगमगा दिया है।
रियल एस्टेट सेक्टर 5% टूटा
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो सबसे ज्यादा मार रियल एस्टेट, आईटी, फार्मा और बैंकिंग शेयरों पर पड़ी। एनएसई (NSE) का निफ्टी रियल्टी इंडेक्स करीब 5% तक टूट गया। इसके अलावा ऑटो और आईटी इंडेक्स में भी 2% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
यूरोप की जवाबी तैयारी
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए यूरोपीय संघ (EU) के नेता गुरुवार को ब्रुसेल्स में एक इमरजेंसी समिट करने जा रहे हैं। इस बैठक में ट्रम्प के टैरिफ प्लान पर चर्चा होगी और जवाबी कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा। इस बैठक के नतीजों पर दुनिया भर के बाजारों की नजर टिकी है।
ग्लोबल मार्केट का हाल
एशियाई बाजारों में भी मंदी का दौर रहा। कोरिया का कोस्पी 0.39% गिरकर 4,885 पर और जापान का निक्केई 1.11% फिसलकर 52,991 पर बंद हुआ। चीन का शंघाई कंपोजिट और हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग भी लाल निशान में बंद हुए। इससे पहले 19 जनवरी को अमेरिकी बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए थे, जहां डाउ जोन्स और नैस्डेक में कमजोरी देखी गई थी।
मई 2025 के बाद बड़ी गिरावट
आंकड़ों के लिहाज से देखें तो इससे पहले 13 मई 2025 को बाजार में इतनी बड़ी गिरावट आई थी। उस समय सेंसेक्स 1,281 अंक गिरकर 81,148 पर बंद हुआ था। आज की गिरावट ने एक बार फिर निवेशकों को उस दौर की याद दिला दी है।