मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकास मॉडल को अपनाकर प्रदेश की आर्थिक प्रगति को नई दिशा देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने यह बात नई दिल्ली में वरिष्ठ संपादक एवं लेखक पद्मश्री आलोक मेहता द्वारा लिखित कॉफी टेबल बुक ‘रिवॉल्यूशनरी राज – नरेन्द्र मोदी: 25 इयर्स’ को ग्रहण करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुस्तक प्रधानमंत्री के नेतृत्व और उनके दीर्घकालीन विजन को समझने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
निवेश और विकास पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश में बड़े स्तर पर देशी और विदेशी निवेश को आकर्षित किया जा रहा है। इसके माध्यम से औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। स्टार्ट-अप्स, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है, ताकि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंच सके।
दावोस यात्रा से पहले हुई चर्चा
यह भेंट-वार्ता दिल्ली से दावोस (स्विट्ज़रलैंड) में आयोजित विश्व आर्थिक मंच की बैठक में भाग लेने से पहले हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की नई शिक्षा नीति को लागू करने में मध्यप्रदेश अग्रणी भूमिका निभा रहा है। शिक्षा के साथ-साथ पठन-पाठन और बौद्धिक विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।
पठन-संस्कृति को बढ़ावा देने की पहल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश में पुस्तकों और पठन-संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से गीता भवन निर्माण योजना में पुस्तकालयों का विशेष प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार पत्रकारों, साहित्यकारों और सांस्कृतिक कलाकारों को सामाजिक जागरूकता फैलाने के लिए हर संभव सहयोग और प्रोत्साहन देती रहेगी।
विकसित भारत के संकल्प के प्रति प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुस्तक में समाज कल्याण, महिला सशक्तिकरण, युवाओं में अनुशासन और आत्मनिर्भर विकसित भारत जैसे विषयों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है। इन लक्ष्यों को साकार करने के लिए वे पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने पुस्तक की भूमिका केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा लिखे जाने को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया।
आतंकवाद और नक्सलवाद पर सख्त रुख
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अमित शाह प्रधानमंत्री के संकल्पों को जमीन पर उतारते हुए आतंकवाद और नक्सल समस्या से प्रभावी ढंग से निपट रहे हैं। इसके चलते देश विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे विचारों और उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने में यह पुस्तक अहम भूमिका निभा सकती है। उन्होंने सुझाव दिया कि इसे शिक्षण संस्थानों और पुस्तकालयों तक जरूर पहुंचाया जाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि इस पुस्तक का प्रकाशन शुभी पब्लिकेशंस द्वारा किया गया है।