मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से होने वाली बीमारियों का प्रकोप जानलेवा साबित हो रहा है। क्षेत्र में गंदे पानी की आपूर्ति के कारण एक और युवक की जान चली गई है। अरविंदो अस्पताल में भर्ती हेमंत गायकवाड़ ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना के साथ ही दूषित पानी के कारण होने वाली मौतों का आंकड़ा 25 तक पहुंच गया है, जो प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हेमंत गायकवाड़ पिछले कुछ दिनों से बीमार थे और उन्हें गंभीर हालत में अरविंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से नल में गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है, जिसके सेवन से लोग लगातार बीमार पड़ रहे हैं।
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल
भागीरथपुरा में यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई लोग डायरिया, उल्टी-दस्त और पेट दर्द जैसी समस्याओं के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम और संबंधित विभाग को कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। ड्रेनेज और पीने के पानी की लाइनें पास-पास होने के कारण लीकेज की समस्या बनी रहती है, जिससे पीने का पानी जहरीला हो रहा है।
अस्पतालों में मरीजों की कतार
क्षेत्र के कई अन्य लोग भी दूषित पानी पीने से बीमार हैं और विभिन्न निजी व सरकारी अस्पतालों में उनका इलाज चल रहा है। हेमंत की मौत की खबर के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। रहवासियों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द से जल्द पाइपलाइनों को दुरुस्त करे और साफ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करे, ताकि और किसी को अपनी जान न गंवानी पड़े। यह घटना शहर की स्वास्थ्य और स्वच्छता रैंकिंग के दावों के बीच एक चिंताजनक तस्वीर पेश करती है।