शनि देव की विशेष अनुकंपा पाने वाली ये 3 राशियां, परिश्रम से हासिल करती हैं धन-वैभव और ऊंचा सम्मान

वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनि देव का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावशाली माना गया है। उन्हें ‘दंडाधिकारी’ और ‘कर्मफल दाता’ की उपाधि प्राप्त है। आम जनमानस में शनि देव को लेकर अक्सर भय का वातावरण रहता है, लेकिन ज्योतिषीय गणनाएं बताती हैं कि शनि केवल दंड ही नहीं देते, बल्कि शुभ कर्मों का उत्तम फल भी प्रदान करते हैं। नवग्रहों में शनि का व्यक्तित्व सबसे अलग है और वे निष्पक्ष होकर न्याय करते हैं।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, बारह राशियों में से कुछ राशियां ऐसी हैं जो शनि देव को विशेष रूप से प्रिय हैं। इन राशियों के जातकों पर शनि की क्रूर दृष्टि का प्रभाव कम देखने को मिलता है। यहां तक कि साढ़ेसाती और ढैय्या जैसी कठिन दशाओं में भी इन राशि के लोगों को उतनी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता, जितना अन्य लोगों को करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि वे कौन सी तीन राशियां हैं जिन पर शनि देव मेहरबान रहते हैं।

तुला राशि (Libra)

तुला राशि को शनि देव की सबसे प्रिय राशियों में गिना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, तुला शनि की ‘उच्च राशि’ है। इस राशि के स्वामी शुक्र देव हैं, और ग्रहों की मैत्री तालिका में शनि और शुक्र के बीच मित्रता का भाव है। यही कारण है कि तुला राशि के जातकों पर शनि देव की विशेष कृपा बनी रहती है।

जब शनि तुला राशि में गोचर करते हैं या किसी जातक की कुंडली में उच्च स्थिति में होते हैं, तो वे रंक को भी राजा बनाने की क्षमता रखते हैं। इस राशि के लोगों को शनि देव जीवन में तरक्की, मान-सम्मान और आर्थिक समृद्धि प्रदान करते हैं। हालांकि, इसके लिए जातक का कर्म शुद्ध होना अनिवार्य है।

मकर राशि (Capricorn)

मकर राशि के स्वामी स्वयं शनि देव हैं। ज्योतिष के नियम के अनुसार, कोई भी ग्रह अपने घर (स्वराशि) को नुकसान नहीं पहुंचाता। मकर राशि पृथ्वी तत्व की राशि है और शनि देव को अनुशासन और मेहनत अत्यधिक पसंद है। मकर राशि के जातक स्वभाव से ही कर्मठ और मेहनती होते हैं।

इस राशि के लोगों पर शनि देव का हाथ हमेशा बना रहता है। जब मकर राशि पर साढ़ेसाती आती है, तो शनि उन्हें संघर्ष जरूर देते हैं, लेकिन उस संघर्ष के बाद सफलता भी बड़ी मिलती है। शनि देव इस राशि के लोगों को उनके परिश्रम का पूरा फल प्रदान करते हैं और समाज में एक मजबूत स्थिति तक पहुंचाते हैं।

कुंभ राशि (Aquarius)

मकर के अलावा कुंभ राशि का स्वामित्व भी शनि देव के पास ही है। यह शनि की दूसरी राशि है और उन्हें यह भी अत्यंत प्रिय है। कुंभ राशि वायु तत्व की राशि है और इसे शनि की ‘मूलत्रिकोण’ राशि भी माना जाता है। इस राशि के जातक स्वभाव से विचारशील और दूसरों की मदद करने वाले होते हैं।

शनि देव कुंभ राशि के जातकों को धन-धान्य और वैभव का आशीर्वाद देते हैं। यदि इस राशि के लोग गरीबों और असहायों की मदद करते हैं, तो शनि देव उनसे बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं। इन लोगों को जीवन में अचानक धन लाभ और भाग्य का साथ मिलता रहता है।

कर्मों का महत्व सर्वोपरि

हालांकि ये तीन राशियां शनि देव को प्रिय हैं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि ये जातक गलत कार्य करके बच जाएंगे। शनि देव कर्मों के आधार पर ही फल देते हैं। यदि तुला, मकर या कुंभ राशि का कोई व्यक्ति अनैतिक कार्य करता है, दूसरों को सताता है या मदिरा-मांस का सेवन करता है, तो उसे भी शनि के प्रकोप का सामना करना पड़ता है। शनि की कृपा पाने के लिए इन राशियों को भी हनुमान जी की आराधना और शनिवार को छाया दान जैसे उपाय करते रहने चाहिए।