MP Weather: पश्चिमी विक्षोभ का असर शुरू, 23 से 25 जनवरी के बीच इन जिलों में मावठे की संभावना, जानें मध्यप्रदेश का ताजा मौसम हाल

मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने जा रहा है। कड़ाके की ठंड के बीच अब बेमौसम बारिश यानी ‘मावठा’ गिरने के आसार बन रहे हैं। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, जनवरी 2026 में एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत में सक्रिय हो रहा है, जिसका सीधा असर मध्य प्रदेश के मौसम पर दिखाई देगा।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर भारत के पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बन रहे सिस्टम के कारण प्रदेश में बादल छाने और बारिश होने की संभावना है। विशेषकर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और चंबल संभाग में इसका प्रभाव अधिक देखने को मिल सकता है।

पश्चिमी विक्षोभ का असर

मौसम विभाग के अनुसार, जब भी हिमालयी क्षेत्र में कोई पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होता है, तो हवाओं का रुख बदल जाता है। अरब सागर से आने वाली नमी के कारण मध्य प्रदेश के आसमान में बादल छाने लगते हैं। जनवरी 2026 के इस पूर्वानुमान में बताया गया है कि प्रदेश के उत्तरी और पश्चिमी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इससे दिन के तापमान में गिरावट आएगी, जबकि रात का तापमान थोड़ा बढ़ सकता है।

किसानों के लिए ‘अमृत’ है मावठा

सर्दी के मौसम में होने वाली इस बारिश को स्थानीय भाषा में ‘मावठा’ कहा जाता है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, यह बारिश रबी की फसलों के लिए अमृत समान होती है। गेहूं और चने की फसल को इस पानी से काफी फायदा पहुंचता है। हालांकि, अगर बारिश के साथ ओलावृष्टि होती है, तो फसलों को नुकसान भी हो सकता है, लेकिन फिलहाल केवल बारिश की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग ने नागरिकों से बदलते मौसम में सतर्क रहने की अपील की है, क्योंकि बारिश के बाद कोहरा और शीत लहर का प्रकोप फिर से बढ़ सकता है।