सोने-चांदी के दामों में उछाल से बिगड़ा शादियों का बजट, लाइट वेट ज्वैलरी की मांग बढ़ी

रतलाम के सराफा बाजार में इन दिनों सोने और चांदी की कीमतों में आए भारी उछाल का असर साफ दिखाई दे रहा है। त्योहारी सीजन और आगामी शादियों के मुहूर्त को देखते हुए बाजार में रौनक तो है, लेकिन ग्राहकों की खरीद क्षमता पर महंगाई की मार पड़ी है। सोने और चांदी के भाव आसमान छू रहे हैं, जिसके चलते मध्यम वर्गीय परिवारों का बजट पूरी तरह से गड़बड़ा गया है।

बाजार के जानकारों के अनुसार, पिछले कुछ समय में कीमती धातुओं के दामों में जो तेजी आई है, उसने ग्राहकों को अपनी पसंद बदलने पर मजबूर कर दिया है। जो परिवार शादियों के लिए गहने खरीदने आ रहे हैं, वे अब अपने तय बजट में ही काम चलाने की कोशिश कर रहे हैं। यही कारण है कि बाजार में अब भारी-भरकम गहनों की जगह ‘लाइट वेट’ (कम वजन) ज्वैलरी का चलन तेजी से बढ़ा है।

लाइट वेट ज्वैलरी बनी पहली पसंद

सराफा व्यापारियों का कहना है कि सोने के दाम बढ़ने से ग्राहक अब ऐसे गहनों की मांग कर रहे हैं जो दिखने में तो भारी लगें, लेकिन वजन में कम हों। इसे देखते हुए ज्वैलर्स ने भी अपनी दुकानों में लाइट वेट ज्वैलरी की नई रेंज सजा ली है। पहले जहां लोग ठोस सोने के कड़े और हार पसंद करते थे, अब वे नई डिजाइन वाले हल्के सेट पसंद कर रहे हैं। इससे उनका काम भी चल जाता है और जेब पर बहुत अधिक बोझ भी नहीं पड़ता।

कारीगरों द्वारा अब ऐसी तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है जिससे कम सोने में भी गहनों को भव्य रूप दिया जा सके। अंगूठी, चेन, मंगलसूत्र और कान के बुंदे जैसे आइटम में यह बदलाव सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। ग्राहक अब 22 कैरेट के भारी गहनों के बजाय 18 कैरेट या कम वजन वाले विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं।

चांदी के बर्तनों की बिक्री पर भी असर

महंगाई की यह मार सिर्फ सोने तक सीमित नहीं है, बल्कि चांदी की चमक भी ग्राहकों के लिए फीकी पड़ गई है। रतलाम, जो अपनी शुद्धता और सराफा कारोबार के लिए जाना जाता है, वहां चांदी के बर्तनों और उपहार सामग्री की बिक्री प्रभावित हुई है। शादियों में उपहार स्वरूप दिए जाने वाले चांदी के सिक्कों और बर्तनों का वजन अब कम हो गया है। लोग अब छोटे और हल्के गिफ्ट आइटम खरीदना पसंद कर रहे हैं।

बजट के साथ समझौता

ग्राहकों का कहना है कि शादियों की तारीखें नजदीक हैं और खरीदारी करना मजबूरी है। ऐसे में वे मात्रा (Quantity) के साथ समझौता कर रहे हैं। यदि किसी ने 50 ग्राम सोने का बजट बनाया था, तो बढ़ी हुई कीमतों के कारण अब वे 35 से 40 ग्राम में ही खरीदारी समेट रहे हैं। व्यापारियों को उम्मीद है कि यदि दामों में थोड़ी स्थिरता आती है, तो बाजार में ग्राहकी और बेहतर हो सकती है, लेकिन फिलहाल ‘लाइट वेट’ ज्वैलरी ही बाजार का प्रमुख ट्रेंड बना हुआ है।