इंदौर: मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2022 के परिणामों का इंतजार कर रहे हजारों उम्मीदवारों के लिए एक अहम खबर है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने मुख्य परीक्षा के नतीजों को जारी करने पर रोक लगा दी है। यह फैसला प्रारंभिक परीक्षा के कुछ विवादित प्रश्नों को लेकर दायर एक याचिका पर सुनवाई के बाद आया है।
कोर्ट ने MPPSC को निर्देश दिया है कि वह प्रारंभिक परीक्षा की उत्तर कुंजी (आंसर-की) का विषय विशेषज्ञों से पुनर्मूल्यांकन कराए। इस मामले की अगली सुनवाई 12 जुलाई को होगी, तब तक परिणाम जारी नहीं किए जा सकेंगे। इस अदालती आदेश के बाद पूरी भर्ती प्रक्रिया में और देरी होना निश्चित माना जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2022 के नतीजों से जुड़ा है। कुछ उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्नपत्र में कई ऐसे सवाल थे जिनके एक से अधिक सही उत्तर थे। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, MPPSC ने इन आपत्तियों को सही ढंग से नहीं सुना और एक ही उत्तर को सही माना, जिसके कारण वे कुछ अंकों से मुख्य परीक्षा के लिए चयनित होने से चूक गए।
याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि अगर इन प्रश्नों का सही मूल्यांकन होता, तो वे भी मुख्य परीक्षा के लिए क्वालिफाई कर जाते। इसी आधार पर उन्होंने प्रारंभिक परीक्षा के परिणामों को चुनौती दी थी।
हाईकोर्ट का अहम निर्देश
मामले की सुनवाई के बाद जस्टिस विनय सराफ की सिंगल बेंच ने उम्मीदवारों के पक्ष में फैसला सुनाया। कोर्ट ने MPPSC को आदेश दिया है कि वह विवादित प्रश्नों और उनकी आंसर-की को एक्सपर्ट कमेटी के सामने रखे और उसका पुनर्मूल्यांकन करवाए।
कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जब तक इस प्रक्रिया पर अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक मुख्य परीक्षा के परिणाम घोषित नहीं किए जाएंगे। अप्रैल 2024 में आयोजित हुई मुख्य परीक्षा में हजारों उम्मीदवार शामिल हुए थे और वे नतीजों का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।
इस फैसले से उन उम्मीदवारों में अनिश्चितता का माहौल है जो इंटरव्यू की तैयारी कर रहे थे। अब उन्हें 12 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई का इंतजार करना होगा, जिसके बाद ही भर्ती प्रक्रिया का भविष्य तय हो पाएगा।