उज्जैन महाकाल मंदिर में इस वीकेंड 5 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान, प्रशासन ने VIP दर्शन पर लगाई रोक

उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में इस सप्ताहांत श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ उमड़ने की संभावना है। मंदिर समिति और जिला प्रशासन ने शनिवार और रविवार को देशभर से करीब पांच लाख भक्तों के आने का अनुमान लगाया है। इस बड़ी संख्या को देखते हुए सुगम और सुरक्षित दर्शन सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

छुट्टियों के कारण हाल के सप्ताहों में मंदिर में भक्तों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। पिछले सप्ताहांत में लगभग चार लाख श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल के दर्शन किए थे, जबकि उससे पहले यह आंकड़ा साढ़े तीन लाख था। महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान जैसे पड़ोसी राज्यों से बड़ी संख्या में भक्त उज्जैन पहुंच रहे हैं, जिससे यह वीकेंड प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

प्रशासन की तैयारी और दर्शन व्यवस्था

बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मंदिर प्रशासक संदीप कुमार सोनी के अनुसार, शनिवार और रविवार को सभी प्रकार के वीआईपी और प्रोटोकॉल दर्शन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। यह निर्णय आम श्रद्धालुओं को दर्शन में होने वाली असुविधा को कम करने और भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए लिया गया है।

श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश और निकास की एक स्पष्ट योजना तैयार की गई है। सभी भक्तों को मानसरोवर गेट से मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा, जबकि दर्शन के बाद वे गेट नंबर 4 और 5 से बाहर निकलेंगे। प्रशासन का दावा है कि इस व्यवस्था के तहत भक्तों को प्रवेश से लेकर निकास तक में लगभग 45 मिनट का समय लगेगा। मंदिर परिसर में मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध पहले की तरह ही लागू रहेगा।

पार्किंग और परिवहन की सुविधा

शहर के बाहर से आने वाले वाहनों के लिए विशेष पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं। इंदौर रोड, हरिफाटक ब्रिज के पास और कर्कराज मंदिर के निकट पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इन पार्किंग स्थलों से मंदिर तक भक्तों को आसानी से पहुंचाने के लिए नि:शुल्क ई-रिक्शा सेवा भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

शुक्रवार से ही मंदिर में भक्तों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जो इस वीकेंड पर भारी भीड़ का संकेत दे रही हैं। जिला प्रशासन और मंदिर समिति ने अतिरिक्त पुलिस बल और स्वयंसेवकों को तैनात किया है ताकि व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे और किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।