इंदौर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले निजी अस्पतालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में गुरुवार को शहर के एक प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान पर बड़ी कार्रवाई की गई। विजय नगर क्षेत्र स्थित सीएचएल चैरिटेबल ट्रस्ट (CHL Charitable Trust) में नियमों के उल्लंघन की शिकायत मिलने पर प्रशासन ने अस्पताल की सोनोग्राफी मशीन को सील कर दिया है। यह कार्रवाई जिला कलेक्टर शिवम वर्मा के सीधे निर्देशन में अंजाम दी गई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को अस्पताल के संचालन में अनियमितताओं की सूचना मिली थी। यह अस्पताल स्कीम नंबर 114, निरंजनपुर चौराहा विजय नगर में संचालित है। रिकॉर्ड के अनुसार, संस्थान के पास पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) एक्ट के तहत पंजीयन क्रमांक 769 उपलब्ध है। इस पंजीयन की वैधता 06 दिसम्बर 2026 तक है। हालांकि, वैध लाइसेंस होने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन द्वारा नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था।
निरीक्षण में हुआ बड़ा खुलासा
सीएमएचओ डॉ. हासानी द्वारा गठित एक विशेष टीम ने हाल ही में सीएचएल चैरिटेबल ट्रस्ट का औचक निरीक्षण किया था। इस जांच के दौरान टीम को चौंकाने वाले तथ्य मिले। निरीक्षण में पाया गया कि सोनोग्राफी विभाग में करीब 10 ऐसे चिकित्सक कार्य कर रहे थे, जो इसके लिए पंजीकृत ही नहीं थे। पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत यह एक गंभीर उल्लंघन है। जांच दल ने अपनी रिपोर्ट में इस बात का प्रमुखता से उल्लेख किया कि संवेदनशील जांच प्रक्रिया में अपंजीकृत डॉक्टरों की संलिप्तता पाई गई है।
नोटिस के बाद हुई कार्रवाई
निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल संबंधित चिकित्सकों और अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी किया था। उनसे इस अनियमितता पर स्पष्टीकरण मांगा गया। जवाब संतोषजनक न होने और नियमों की अनदेखी स्पष्ट होने पर मामले की जानकारी कलेक्टर इंदौर को दी गई। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी शिवम वर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
मौके पर पहुंच कर की सीलिंग
कलेक्टर के आदेश के बाद गुरुवार को जूनी इंदौर की तहसीलदार श्रीमती प्रीति भिसे और पीसीपीएनडीटी की टीम अस्पताल पहुंची। अधिकारियों ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए पंजीकृत अल्ट्रासोनोग्राफी मशीन को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। निरीक्षण टीम ने मौके पर पंचनामा तैयार कर पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।