इंदौर EOW की कार्रवाई: गिरिराज कॉलोनी में ले-आउट फर्जीवाड़े पर दृष्टि देवकॉन के डायरेक्टर शैलेश माहेश्वरी समेत 5 पर FIR दर्ज

आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) इंदौर ने भू-माफियाओं और नियमों को ताक पर रखकर कॉलोनी काटने वाले बिल्डरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। शहर के पीपल्या-लोहार और खड़राखेड़ा क्षेत्र में विकसित की जा रही ‘गिरिराज कॉलोनी’ में ले-आउट की गलत जानकारी देने का मामला सामने आया है। जांच एजेंसी ने दृष्टि देवकॉन प्राइवेट लिमिटेड (Drishti Devcon Pvt. Ltd.) के डायरेक्टर समेत पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का केस दर्ज किया है।

आरोप है कि इन लोगों ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (T&CP) विभाग को गुमराह कर अवैध कॉलोनी का नक्शा पास करा लिया था। कागजों पर चौड़ी सड़क दिखाई गई, जबकि हकीकत में वहां रास्ता बेहद संकरा था। इस फर्जीवाड़े का मुख्य उद्देश्य प्लॉट धारकों को धोखे में रखकर अवैध लाभ कमाना था।

क्या है पूरा मामला?

मेसर्स सुंदरम रियल इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर पवन नारंग ने EOW में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि दृष्टि देवकॉन प्रा. लि. के डायरेक्टर शैलेश माहेश्वरी और अन्य भूमि स्वामियों ने नगर तथा ग्राम निवेश कार्यालय, इंदौर को भ्रामक जानकारी दी है। उन्होंने प्रस्तावित कॉलोनी के ले-आउट में उत्तर दिशा की ओर 9 मीटर चौड़ा पहुंच मार्ग (Access Road) दर्शाया था, ताकि अनुमति आसानी से मिल सके।

जब EOW ने संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश से तकनीकी जानकारी मांगी और स्थल निरीक्षण (Spot Inspection) किया, तो हकीकत सामने आ गई। जांच में पाया गया कि जिस 9 मीटर रोड के आधार पर अनुमति ली गई थी, वहां वास्तव में सिर्फ 8 से 10 फीट चौड़ा रास्ता ही उपलब्ध है। अनुमोदित ले-आउट के अनुरूप मौके पर पहुंच मार्ग मौजूद ही नहीं था।

साठगांठ कर जनता को ठगा

जांच एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि आरोपियों ने अधिकारियों के साथ साठगांठ और षड्यंत्रपूर्वक गलत जानकारी प्रस्तुत कर आवासीय अभिन्यास (Layout) अनुमोदित कराया। इससे न केवल प्रशासन को गुमराह किया गया, बल्कि आम जनता और कॉलोनी में प्लॉट खरीदने वाले लोगों के साथ भी धोखाधड़ी की गई। प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि आरोपियों ने जानबूझकर नियमों के विरुद्ध अवैध लाभ अर्जित करने की नीयत से यह ले-आउट स्वीकृत कराया था।

इन आरोपियों पर हुई FIR

EOW ने जांच के बाद निम्नलिखित पांच लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। ये सभी 406, पुखराज कॉर्पोरेट, नवलखा बस स्टैंड के सामने, इंदौर के पते से संबंधित हैं:

  • शैलेश माहेश्वरी (डायरेक्टर, दृष्टि देवकॉन), पिता शिवनारायण माहेश्वरी
  • विनोद माहेश्वरी, पिता रामस्वरूप माहेश्वरी
  • कुंवर सिंह, पिता अमर सिंह
  • राजू पंवार, पिता अमर सिंह
  • माया राजपूत, पति सालग्राम राजपूत

कानूनी कार्रवाई

आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने सभी आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड विधान (IPC) की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है और जल्द ही आरोपियों से पूछताछ की जा सकती है।