एमपी बोर्ड परीक्षा: नकल रोकने के लिए माशिमं का सख्त फैसला, अब केंद्रों पर शिक्षकों की भी होगी तलाशी

मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने आगामी बोर्ड परीक्षाओं को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। मंडल ने नकल और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूर्ण विराम लगाने के उद्देश्य से इस बार नियमों में बड़ा बदलाव किया है। जारी किए गए नए निर्देशों के अनुसार, परीक्षा केंद्रों पर अब केवल छात्रों की ही नहीं, बल्कि ड्यूटी पर तैनात शिक्षकों और पर्यवेक्षकों की भी सघन तलाशी ली जाएगी।

मंडल का यह निर्णय परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि को रोकने के लिए लिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि परीक्षा के दौरान बाहरी हस्तक्षेप और अनुचित साधनों के उपयोग को रोकने के लिए यह कदम आवश्यक था।

शिक्षकों के लिए भी मोबाइल पूर्णतः प्रतिबंधित

नए नियमों के तहत, परीक्षा केंद्र के भीतर मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर कड़ाई से रोक लगा दी गई है। पहले जहां केवल छात्रों के लिए मोबाइल प्रतिबंधित होता था, वहीं अब यह नियम शिक्षकों और अन्य स्टाफ पर भी समान रूप से लागू होगा।

निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि परीक्षा ड्यूटी में लगे शिक्षक अपना मोबाइल फोन परीक्षा कक्ष में नहीं ले जा सकेंगे। उन्हें अपने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण केंद्र अध्यक्ष (Center Superintendent) के पास जमा कराने होंगे। यदि चेकिंग के दौरान किसी शिक्षक के पास मोबाइल या कोई अन्य प्रतिबंधित सामग्री पाई जाती है, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

पुराने अनुभवों से लिया गया सबक

गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में बोर्ड परीक्षाओं के दौरान सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र वायरल होने की खबरें सामने आई थीं। पूर्व में हुई घटनाओं में कई बार परीक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों की भूमिका पर भी सवाल उठे थे। पुराने संदर्भों को देखें तो व्हाट्सएप ग्रुप्स और टेलीग्राम के माध्यम से पेपर लीक होने की अफवाहों ने मंडल की साख को प्रभावित किया था।

इन घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसलिए मंडल ने इस बार सुरक्षा चक्र को और मजबूत किया है। परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ उड़न दस्तों (Flying Squads) को भी अधिक सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।

केंद्र अध्यक्षों की जिम्मेदारी तय

माशिमं ने केंद्र अध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने केंद्र पर नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। प्रवेश द्वार पर ही शिक्षकों और छात्रों की चेकिंग की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा, परीक्षा शुरू होने से पहले प्रश्नपत्रों के बंडल खोलने की प्रक्रिया की भी वीडियोग्राफी कराई जा सकती है, ताकि पूरी प्रक्रिया संदेह से परे रहे।