Indore News : इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को एक बुजुर्ग बद्री प्रसाद की मौत के बाद गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने भागीरथपुरा पुल पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन की अनदेखी का आरोप लगाते हुए स्थानीय भाजपा पार्षद कमल वाघेला के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
गुस्साए परिवार का आरोप है कि बद्री प्रसाद की मौत हुए एक दिन बीत चुका है, लेकिन प्रशासन का कोई भी अधिकारी सुध लेने नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि परिवार बेहद गरीब है और उनके पास अंतिम संस्कार करने तक के पैसे नहीं हैं। इस प्रदर्शन के कारण क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई और यातायात बाधित हो गया।
प्रशासन पर अनदेखी का आरोप
मृतक के परिजनों ने बताया कि बद्री प्रसाद पहले पूरी तरह स्वस्थ थे, लेकिन अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उनका दावा है कि मौत दूषित पानी पीने की वजह से हुई, जबकि प्रशासन इस बात को मानने से इनकार कर रहा है।
परिवार के लिए यह दोहरी त्रासदी है, क्योंकि दो महीने पहले ही बद्री प्रसाद की बहू की भी मौत हो चुकी है, जिससे वे पूरी तरह टूट चुके हैं। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
अब तक 27 मौतें, 450 से ज्यादा बीमार
भागीरथपुरा में दूषित पानी की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। सूत्रो के मुताबिक, इस त्रासदी में मरने वालों की संख्या अब 27 तक पहुंच गई है। अब तक 450 से ज्यादा लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अब नए मरीजों की संख्या में कमी आई है।
फिलहाल विभिन्न अस्पतालों में 10 मरीज भर्ती हैं, जिनमें से एक वेंटिलेटर पर और दूसरा आईसीयू में है। वार्ड में भर्ती 8 अन्य मरीजों की हालत स्थिर बताई जा रही है। इलाके के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी अब डायरिया के गिने-चुने मरीज ही पहुंच रहे हैं।
पानी की सप्लाई पर सवाल
प्रशासनिक लापरवाही के आरोपों के बीच, नगर निगम क्षेत्र के 30% हिस्से में एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई कर रहा है और सैंपल भी ले रहा है। लेकिन लोगों में डर का माहौल है और वे इस पानी का उपयोग करने से बच रहे हैं। वहीं, बाकी 70% हिस्से में नई मुख्य पाइपलाइन डालने का काम चल रहा है, लेकिन तब तक लोगों को साफ पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।