Dhar News : मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला में शुक्रवार को बसंत पंचमी का पर्व शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया। यह आयोजन जिला प्रशासन और पुलिस के लिए एक बड़ी अग्निपरीक्षा थी, क्योंकि 24 साल में यह चौथा मौका था जब बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ी थी। दिन भर की कड़ी मशक्कत और तनावपूर्ण ड्यूटी के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद, पुलिसकर्मियों ने जमकर जश्न मनाया।
शुक्रवार शाम को ड्यूटी खत्म होने के बाद पुलिस लाइन और अन्य स्थानों पर जवानों ने डीजे की धुन पर डांस किया। इसका वीडियो भी सामने आया है, जिसमें खाकी वर्दी में तैनात जवान तनावमुक्त होकर थिरकते नजर आए। प्रशासन के लिए यह राहत की बात रही कि पूरे शहर में कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं आई।
अदालत के आदेश पर हुआ आयोजन
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए प्रशासन ने भोजशाला में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं सुनिश्चित की थीं। गर्भगृह में हिंदू समाज ने सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक मां वाग्देवी की अखंड पूजा की।
वहीं, भोजशाला के संरक्षित परिसर के उत्तरी हिस्से में मुस्लिम समुदाय के 17 सदस्यों ने जुमे की नमाज अदा की। हालांकि, नमाज के निर्धारित स्थान को लेकर मुस्लिम पक्ष की ओर से कुछ नाराजगी भी जाहिर की गई थी, लेकिन प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही।
तकनीक और 8 हजार जवानों का पहरा
इस बार की सुरक्षा व्यवस्था पिछले वर्षों के मुकाबले बेहद हाईटेक थी। प्रशासन ने शहर की निगरानी के लिए पहली बार थ्री-डी मैपिंग, एआई-लिडार (AI-LiDAR) और ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया। सुरक्षा के लिहाज से पूरे शहर और भोजशाला परिसर में करीब 8,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। वसंत पंचमी से पहले ही पुलिस ने फ्लैग मार्च निकालकर सुरक्षा का भरोसा दिलाया था।
ढाई घंटे के इंतजार के बाद हुए दर्शन
हिंदू समाज ने इस बार अखंड पूजन का संकल्प लिया था, जिसके समर्थन में शहर के व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। सुबह 7:24 बजे यज्ञ की पहली आहुति के साथ पूजन का दौर शुरू हुआ। भोजशाला के बाहर श्रद्धालुओं की करीब एक किलोमीटर लंबी कतार देखी गई। भक्तों को दर्शन के लिए औसतन ढाई घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
“वसंत पंचमी पर हर कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से हुआ। इसके लिए धार की जनता का आभार।” — प्रियंक मिश्र, कलेक्टर, धार
