इंदौर: मध्य प्रदेश की जीवनरेखा कही जाने वाली माँ नर्मदा की जयंती के अवसर पर इंदौर शहर भक्ति और उल्लास में सराबोर रहा। शहर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने नर्मदा प्रतिमा का विधि-विधान से पूजन कर महाआरती में भाग लिया और शहर की सुख-समृद्धि की कामना की।
शुक्रवार को नर्मदा जयंती के पावन अवसर पर सुबह से ही मंदिरों और नर्मदा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में महापौर भार्गव ने नर्मदा प्रतिमा पर दूध और जल से अभिषेक किया। इसके बाद वे महाआरती में शामिल हुए और माँ नर्मदा से इंदौरवासियों के कल्याण के लिए प्रार्थना की।
‘नर्मदे हर’ के जयकारों से गूंजा परिसर
इस विशेष आयोजन में बड़ी संख्या में इंदौर के नागरिक शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने पूरी आस्था के साथ माँ नर्मदा का पूजन और अभिषेक किया। इस दौरान पूरा वातावरण ‘नर्मदे हर’ के जयघोष से भक्तिमय हो गया। आयोजन में युवाओं और बुज़ुर्गों सहित हर उम्र के लोगों ने परिवार सहित हिस्सा लिया, जिससे यह एक सामाजिक और सांस्कृतिक उत्सव बन गया।
सिर्फ आस्था नहीं, संरक्षण का भी पर्व
माँ नर्मदा की जयंती केवल एक धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह जल संरक्षण, पर्यावरण और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का भी संदेश देती है। मध्य प्रदेश के लिए नर्मदा नदी का महत्व सर्वोपरि है क्योंकि यह लाखों लोगों के जीवन का आधार है। यह जयंती इसी भावना को और मजबूत करती है कि प्रकृति का सम्मान और संरक्षण आवश्यक है।