देश के 75वें गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड मध्य प्रदेश और विशेषकर भोपाल के लिए बेहद खास होने वाली है। भारतीय सेना की जांबाज महिला अधिकारी कैप्टन हर्षिता इस भव्य परेड में एक महत्वपूर्ण दस्ते का नेतृत्व करती नजर आएंगी। वे सेना के ‘साइलेंट वॉरियर्स’ यानी श्वान दस्ते (Dog Squad) की कमान संभालेंगी।
भोपाल की रहने वाली कैप्टन हर्षिता का चयन इस प्रतिष्ठित जिम्मेदारी के लिए किया गया है। यह न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व का क्षण है। गणतंत्र दिवस परेड में सेना के अलग-अलग रेजिमेंट और टुकड़ियां अपनी शक्ति और अनुशासन का प्रदर्शन करती हैं, जिसमें रिमाउंट वेटरनरी कॉर्प्स (RVC) का श्वान दस्ता हमेशा आकर्षण का केंद्र रहता है।
कौन हैं ये ‘साइलेंट वॉरियर्स’?
सेना में श्वान दस्ते को ‘मूक योद्धा’ या साइलेंट वॉरियर्स कहा जाता है। ये बेजुबान सिपाही देश की सुरक्षा में जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलते हैं। परेड के दौरान कैप्टन हर्षिता इन्हीं जांबाजों का नेतृत्व करेंगी। ये कुत्ते अत्यंत प्रशिक्षित होते हैं और बम निरोधक कार्रवाई, ट्रैकिंग, और गश्त जैसे संवेदनशील कार्यों में माहिर होते हैं।
परेड में शामिल होने वाले इन श्वानों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। वे अपने हैंडलर्स के इशारों पर काम करते हैं और उनका अनुशासन देखते ही बनता है। जब यह दस्ता कर्तव्य पथ से गुजरेगा, तो देश इनकी वफादारी और सेवा भाव को सलाम करेगा।
महिला अधिकारियों की बढ़ती भागीदारी
भारतीय सेना में महिला अधिकारियों की भूमिका लगातार सशक्त हो रही है। कैप्टन हर्षिता द्वारा इस दस्ते का नेतृत्व करना नारी शक्ति का एक और उदाहरण है। पिछले कुछ वर्षों में, गणतंत्र दिवस परेड में महिला अधिकारियों द्वारा विभिन्न टुकड़ियों का नेतृत्व करने की परंपरा ने एक नया आयाम स्थापित किया है।
भोपाल की बेटी का कर्तव्य पथ पर कदमताल करना शहर के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह दर्शाता है कि सेना में करियर बनाने की दिशा में महिलाएं कितनी तेजी से आगे बढ़ रही हैं और चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रही हैं।
कड़ी मेहनत और प्रशिक्षण
गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा बनना किसी भी सैनिक के लिए एक सपना होता है। इसके लिए महीनों पहले से कड़ा अभ्यास शुरू हो जाता है। कैप्टन हर्षिता और उनकी टीम भी सुबह के शुरुआती घंटों से लेकर देर शाम तक अभ्यास में जुटी रहती है ताकि 26 जनवरी को उनका प्रदर्शन त्रुटिहीन हो। श्वान दस्ते के साथ तालमेल बिठाना और परेड के नियमों का पालन करना एक कठिन कार्य है, जिसे वे बखूबी अंजाम दे रही हैं।
इस बार की परेड में देशवासी जब अपनी टीवी स्क्रीन पर या कर्तव्य पथ पर इन साइलेंट वॉरियर्स को देखेंगे, तो सबसे आगे चल रही कैप्टन हर्षिता का आत्मविश्वास पूरे मध्य प्रदेश का मान बढ़ाएगा।