गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर गैलेंट्री अवॉर्ड्स का ऐलान, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र

77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देश के सर्वोच्च गैलेंट्री अवॉर्ड्स की घोषणा कर दी गई है। इस वर्ष भारतीय सशस्त्र बलों के साहस, वीरता और अदम्य शौर्य को सम्मानित करते हुए अशोक चक्र, कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र समेत विभिन्न वीरता पदकों के लिए नामों का ऐलान किया गया है। इन सम्मानों के जरिए राष्ट्र ने उन जांबाजों को नमन किया है, जिन्होंने देश की रक्षा और मान-सम्मान के लिए असाधारण साहस का परिचय दिया।

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र

इस वर्ष का अशोक चक्र भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को प्रदान किया जाएगा। उन्होंने 25 जून 2025 को एक्सिओम-4 (Axiom-4) मिशन के तहत तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के साथ अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए उड़ान भरी थी। इस मिशन के साथ वे राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय बने, जिससे भारत का नाम वैश्विक अंतरिक्ष मंच पर एक बार फिर गौरवान्वित हुआ।

अंतरिक्ष में किए 60 से अधिक महत्वपूर्ण प्रयोग

शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष में लगभग 20 दिन बिताए और 14 जुलाई को सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर लौटे। इस दौरान उन्होंने 60 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोग किए, जिनमें कृषि अनुसंधान, उन्नत विज्ञान, नई तकनीकों का परीक्षण और मानव शरीर से जुड़ी महत्वपूर्ण रिसर्च शामिल रही। इन प्रयोगों से भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों और पृथ्वी पर जीवन से जुड़े कई अहम क्षेत्रों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

लखनऊ से अंतरिक्ष तक का सफर

उत्तर प्रदेश के लखनऊ निवासी शुभांशु शुक्ला की यात्रा प्रेरणादायक रही है। 12वीं कक्षा के बाद उन्होंने NDA की परीक्षा उत्तीर्ण की और वहीं से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। वे वर्ष 2006 में भारतीय वायुसेना में शामिल हुए और अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के चलते 2019 में गगनयान मिशन के लिए अंतरिक्ष यात्री के रूप में चयनित किए गए।

तीन को कीर्ति चक्र, 13 को शौर्य चक्र

गैलेंट्री अवॉर्ड्स की सूची में तीन जांबाजों को कीर्ति चक्र और 13 सैनिकों को शौर्य चक्र से सम्मानित करने की घोषणा की गई है। इन वीरों ने विभिन्न अभियानों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अद्वितीय साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया, जिसके लिए देश ने उन्हें यह सम्मान प्रदान करने का निर्णय लिया है।

अन्य वीरता पदकों की भी हुई घोषणा

इसके अलावा सेना मेडल (वीरता), नौसेना मेडल (वीरता) और वायुसेना मेडल (वीरता) के लिए भी कई अधिकारियों और जवानों के नाम घोषित किए गए हैं। इनमें थलसेना, नौसेना और वायुसेना के अधिकारी, जूनियर कमीशंड ऑफिसर और जवान शामिल हैं, जिनमें से कुछ को मरणोपरांत यह सम्मान दिया जाएगा। यह सूची भारतीय सशस्त्र बलों की बहादुरी, बलिदान और निस्वार्थ सेवा की जीवंत मिसाल पेश करती है।

देश ने वीरों को किया सलाम

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर इन गैलेंट्री अवॉर्ड्स की घोषणा ने पूरे देश में गर्व और सम्मान की भावना को और मजबूत किया है। यह सम्मान न केवल वीर जवानों के साहस को पहचान देता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करता है।