मध्य प्रदेश सरकार ने विदेश में रहने वाले भारतीयों (NRIs) और राज्य के निवासियों के लिए एक बड़ी राहत का एलान किया है। अब अपनी जमीन या मकान की रजिस्ट्री कराने के लिए उन्हें सात समंदर पार करके भारत आने की जरूरत नहीं होगी। राज्य के वाणिज्यिक कर विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत, दुनिया के किसी भी कोने में बैठकर संपत्ति की खरीद-फरोख्त की जा सकेगी।
लंबे समय से एनआरआई और विदेश में नौकरी कर रहे लोग इस सुविधा की मांग कर रहे थे। पहले संपत्ति के रजिस्ट्रेशन के लिए शारीरिक रूप से उपस्थित होना अनिवार्य था, जिससे लोगों का समय और पैसा दोनों खर्च होता था। नई अधिसूचना के बाद अब यह प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल और ऑनलाइन हो जाएगी।
डिजिटल हस्ताक्षर और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगा काम
जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, ‘मध्य प्रदेश रजिस्ट्रीकरण नियम, 1939’ में संशोधन किया गया है। नए नियमों के तहत, रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में पक्षकारों की पहचान और सहमति अब इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का सहारा लिया जाएगा।
विभाग के अनुसार, विदेश में बैठा व्यक्ति अब डिजिटल हस्ताक्षर (Digital Signature) का उपयोग कर सकेगा। सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में अधिकारी वीडियो कॉल के जरिए खरीदार या विक्रेता की पहचान करेंगे और दस्तावेजों को सत्यापित करेंगे। यह प्रक्रिया ठीक वैसी ही होगी जैसे अभी तक ऑफिस में सामने बैठकर होती थी, बस अब माध्यम डिजिटल होगा।
पावर ऑफ अटॉर्नी के झंझट से मुक्ति
इस फैसले से पहले, जो लोग विदेश में रहते थे और भारत नहीं आ पाते थे, उन्हें अपनी संपत्ति बेचने या खरीदने के लिए किसी रिश्तेदार या परिचित को ‘पावर ऑफ अटॉर्नी’ (Power of Attorney) देनी पड़ती थी। इस पुरानी प्रक्रिया में कई बार धोखाधड़ी की शिकायतें सामने आती थीं। कई मामलों में रिश्तेदारों द्वारा संपत्ति हड़पने या गलत इस्तेमाल करने के केस भी दर्ज हुए हैं।
अब नए नियम लागू होने से पावर ऑफ अटॉर्नी पर निर्भरता खत्म हो जाएगी। संपत्ति का मालिक खुद अपनी आंखों के सामने (वर्चुअली) अपनी डील फाइनल कर सकेगा और सरकारी रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा सकेगा।
संपदा पोर्टल पर होंगे बदलाव
मध्य प्रदेश में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन का काम ‘संपदा’ (SAMPADA) पोर्टल के जरिए होता है। नई व्यवस्था को लागू करने के लिए पोर्टल के सॉफ्टवेयर में जरूरी तकनीकी बदलाव किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह सिस्टम न केवल पारदर्शी होगा, बल्कि इससे रजिस्ट्री की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी, जिससे सरकार के राजस्व में इजाफा होगा।
इंदौर, भोपाल और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में रियल एस्टेट मार्केट में एनआरआई का बड़ा निवेश होता है। इस फैसले से इन शहरों के प्रॉपर्टी बाजार में तेजी आने की उम्मीद है।