इंदौर के वार्ड 32 में महापौर पुष्यमित्र भार्गव का जनसंवाद, ‘संकल्प से समाधान’ शिविर में आंगनवाड़ी और सफाई पर त्वरित एक्शन

इंदौर के विधानसभा क्षेत्र-2 अंतर्गत वार्ड क्रमांक 32 में मंगलवार को ‘संकल्प से समाधान’ शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में जनसंवाद और शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की एक प्रभावी तस्वीर देखने को मिली। इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने स्वयं शिविर में पहुंचकर बड़ी संख्या में मौजूद नागरिकों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना। इस मंच का उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और नगर निगम से संबंधित कार्यों को गति देना है।

मुख्यमंत्री के विजन को धरातल पर उतारने की कवायद

संवाद के दौरान महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 12 जनवरी से 31 मार्च तक प्रदेशभर में तीन चरणों में ‘जन सुविधाएं आपके द्वारा’ और ‘संकल्प से समाधान’ शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। महापौर ने जोर देकर कहा कि सरकार की प्राथमिकता गरीब और जरूरतमंद वर्ग को सीधे लाभ पहुंचाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इतने बड़े प्रशासनिक ढांचे में यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

“सरकार की प्राथमिकता है कि अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे, खासकर गरीब और जरूरतमंद वर्ग तक। यह शिविर केवल शिकायतों के लिए नहीं, बल्कि तत्काल समाधान के लिए हैं।” — पुष्यमित्र भार्गव, महापौर

मौके पर ही सुलझाईं जटिल समस्याएं

शिविर की सार्थकता उस समय सिद्ध हुई जब स्थानीय महिलाओं ने आंगनवाड़ी भवन की अनुमति में हो रही देरी का मुद्दा उठाया। महापौर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संबंधित जिला अधिकारी को फोन लगाया। उन्होंने फोन पर ही वस्तुस्थिति की जानकारी ली और समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। महापौर की इस त्वरित कार्रवाई को देखकर वहां मौजूद नागरिकों ने संतोष व्यक्त किया। इसके अलावा शिविर में वृद्धा पेंशन, कल्याणी योजना, संबल योजना और प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी मार्गदर्शन और सहायता प्रदान की गई।

सफाई व्यवस्था पर महापौर का सख्त रुख

शहर की स्वच्छता को लेकर महापौर ने शिविर में कड़ा रुख अपनाया। स्थानीय रहवासियों ने सड़कों की सफाई और खाली प्लॉटों पर कचरा फेंके जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर महापौर ने सीएसआई (CSI) को मौके पर बुलाकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि सड़कों पर सफाई की स्थिति उम्मीद के मुताबिक नहीं है और इसमें तत्काल सुधार की आवश्यकता है। महापौर ने निर्देश दिए कि खाली प्लॉटों पर कचरा डालने वालों के खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाए ताकि स्वच्छता मानकों को बनाए रखा जा सके।

नगर निगम की सेवाओं का एक ही छत के नीचे समाधान

इस शिविर में केवल कल्याणकारी योजनाएं ही नहीं, बल्कि नगर निगम से जुड़े रोजमर्रा के कार्यों पर भी ध्यान दिया गया। नल कनेक्शन, जल निकासी की समस्या, बिल्डिंग परमिशन, जन्म प्रमाण पत्र और मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेजों से संबंधित आवेदनों पर अधिकारियों ने चर्चा की। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की जवाबदेही तय होने से नागरिकों को दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिली।

जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति और जनभागीदारी

कार्यक्रम में स्थानीय पार्षद एवं एमआईसी सदस्य राजेंद्र राठौर, क्षेत्र के वरिष्ठ सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी वर्मन जी, पार्षद पूजा पाटीदार और पार्षद मनोज मिश्रा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इसके साथ ही महापौर प्रतिनिधि महेंद्र ठाकुर और वार्ड 34 के पार्षद पति संजय चौधरी सहित कई अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी नागरिकों की समस्याओं के संकलन में सहयोग किया। स्थानीय निवासियों ने महापौर के इस सीधे संवाद और मौके पर निर्णय लेने की कार्यशैली की सराहना की। यह मंच न केवल शिकायतों के निवारण का केंद्र बना, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच एक मजबूत सेतु के रूप में उभरा है।