अगर आप Swiggy के नियमित यूजर हैं, तो अब आपके लिए फूड या ग्रॉसरी ऑर्डर करना और भी आसान होने वाला है। कंपनी ने एक नई AI-आधारित सुविधा की घोषणा की है, जिसके तहत यूजर्स को अब ऑर्डर देने के लिए Swiggy ऐप खोलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यूजर्स सीधे AI चैटबॉट्स के जरिए अपना ऑर्डर प्लेस कर सकेंगे।
चैट करके होगा ऑर्डर, ऐप स्विच करने की झंझट खत्म
इस नई व्यवस्था के बाद यूजर किसी भी AI चैटबॉट से बातचीत करते हुए अपनी जरूरत बता सकेगा और उसी बातचीत के दौरान ऑर्डर कन्फर्म हो जाएगा। चाहे खाना मंगाना हो या ग्रॉसरी खरीदनी हो, सब कुछ AI के जरिए किया जा सकेगा। यह सुविधा सिर्फ फूड डिलीवरी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि Instamart और Dineout जैसे Swiggy के अन्य प्लेटफॉर्म्स पर भी लागू होगी।
MCP टेक्नोलॉजी से संभव हुआ AI ऑर्डरिंग सिस्टम
Swiggy ने अपने सभी बिजनेस वर्टिकल्स में Model Context Protocol (MCP) को इंटीग्रेट करने का फैसला किया है। यह टेक्नोलॉजी AI कंपनी Anthropic द्वारा विकसित की गई है। MCP की मदद से AI चैटबॉट्स थर्ड-पार्टी प्लेटफॉर्म्स से कनेक्ट होकर न सिर्फ जानकारी ले सकते हैं, बल्कि यूजर की ओर से एक्शन भी ले सकते हैं, जैसे ऑर्डर प्लेस करना या उसकी स्थिति चेक करना।
ChatGPT, Gemini और Claude पर मिलेगी Swiggy सर्विस
कंपनी के मुताबिक, MCP इंटीग्रेशन के बाद यूजर्स ChatGPT, Google Gemini और Claude जैसे लोकप्रिय AI प्लेटफॉर्म्स के जरिए Swiggy की सेवाओं का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसका मतलब यह है कि जिस AI चैटबॉट का यूजर रोजाना उपयोग करता है, उसी पर वह फूड या ग्रॉसरी ऑर्डर कर पाएगा। इससे ऑर्डरिंग प्रोसेस ज्यादा तेज और सुविधाजनक हो जाएगा।
डिलीवरी ट्रैकिंग से लेकर टेबल बुकिंग तक AI करेगा काम
इस AI इंटीग्रेशन के जरिए यूजर्स न सिर्फ ऑर्डर दे सकेंगे, बल्कि डिलीवरी स्टेटस भी ट्रैक कर पाएंगे। इसके अलावा Swiggy Dineout के तहत रेस्टोरेंट में टेबल रिजर्वेशन की सुविधा भी AI चैटबॉट के माध्यम से उपलब्ध होगी। Swiggy का कहना है कि यूजर्स का डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और AI को केवल जरूरी जानकारी तक ही एक्सेस दिया जाएगा।
भारत में AI-ड्रिवन कंज्यूमर टेक की ओर बड़ा कदम
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम Swiggy को भारत की सबसे एडवांस AI-ड्रिवन कंज्यूमर टेक कंपनियों में शामिल कर सकता है। AI के जरिए सीधे ऑर्डरिंग की सुविधा आने से न सिर्फ यूजर एक्सपीरियंस बेहतर होगा, बल्कि ऑनलाइन फूड और ग्रॉसरी डिलीवरी का तरीका भी पूरी तरह बदल सकता है।