भारतीय राजनीति के इतिहास में विमान दुर्घटनाएं कई बड़े नेताओं की जान ले चुकी हैं। इन हादसों ने न केवल परिवारों को तोड़ा बल्कि देश की राजनीतिक दिशा भी बदल दी।
संजय गांधी की दुखद मौत
23 जून 1980 को संजय गांधी की मौत विमान हादसे में हो गई थी। वे दिल्ली के सफदरजंग एयरपोर्ट से उड़ान भर रहे थे। उनका विमान क्रैश हो गया और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। संजय गांधी तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के छोटे बेटे थे। उनकी मौत ने कांग्रेस पार्टी को गहरा झटका दिया था।
माधवराव सिंधिया का हादसा
30 सितंबर 2001 को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता माधवराव सिंधिया की मौत विमान दुर्घटना में हुई। वे उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक चुनावी रैली से लौट रहे थे। उनका विमान मध्य प्रदेश में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। सिंधिया कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में से एक थे। उनकी मौत से पार्टी को बड़ा नुकसान हुआ।
अजित पवार के पिता की मौत
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के पिता अनंतराव पवार की भी मौत विमान हादसे में हुई थी। यह घटना 1982 में हुई थी। अनंतराव पवार उस समय राजनीतिक रूप से सक्रिय थे। इस हादसे ने पवार परिवार को गहरा दुख पहुंचाया।
विजय रूपाणी के पिता का हादसा
गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के पिता की भी मौत विमान दुर्घटना में हुई थी। यह घटना कई दशक पहले हुई थी। रूपाणी परिवार के लिए यह बड़ा आघात था। विजय रूपाणी ने बाद में राजनीति में करियर बनाया।
राजनीति पर असर
इन विमान हादसों ने भारतीय राजनीति की दिशा बदल दी। संजय गांधी की मौत के बाद राजीव गांधी राजनीति में आए। माधवराव सिंधिया की मौत के बाद उनके बेटे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राजनीतिक विरासत संभाली। हर हादसे ने परिवारों को नई राजनीतिक जिम्मेदारियां दीं।
विमान यात्रा आज भी राजनेताओं के लिए जरूरी है। लेकिन सुरक्षा मानकों में सुधार हुआ है। आधुनिक तकनीक ने हवाई यात्रा को अधिक सुरक्षित बनाया है। फिर भी ये घटनाएं याद दिलाती हैं कि जोखिम हमेशा मौजूद रहता है।