मध्य प्रदेश के दतिया जिले में अवैध शराब के छापे के दौरान एक मार्मिक घटना सामने आई। चिरुला थाना पुलिस और आबकारी विभाग की टीम जब फुलरा गांव के कंजर डेरा पहुंची तो वहां मौजूद लोग भाग गए। लेकिन डेरा पर कुछ बच्चे अकेले रह गए, जिनमें एक रोता हुआ नवजात भी था।
पुलिस टीम में शामिल SDOP आकांक्षा जैन ने तुरंत बच्चे को संभाला। उन्होंने नवजात को गोद में उठाकर दुलार किया और बोतल से दूध पिलाया। इसके बाद बच्चे को गर्म कपड़े पहनाए। वर्दी में एक अधिकारी को इस तरह मासूम की देखभाल करते देख मौजूद स्टाफ और ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं।
छापे के दौरान हुई घटना
दरअसल, फुलरा गांव में अवैध शराब की सूचना मिलने पर चिरुला थाना पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। जब टीम कंजर डेरा पहुंची तो वहां मौजूद महिलाएं और पुरुष भाग निकले। डेरा पर कई बच्चे अकेले छूट गए।
इन बच्चों में एक नवजात भी था जो बेड पर रोता बिलखता मिला। बच्चे के माता-पिता पुलिस को देखते ही मौके से फरार हो गए थे। पुलिस टीम ने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की।
वर्दी के अंदर भी धड़कता है दिल
SDOP आकांक्षा जैन ने बच्चे की देखभाल करते हुए साबित कर दिया कि वर्दी के अंदर भी एक संवेदनशील इंसान होता है। उन्होंने बच्चे को प्यार से संभाला और उसकी जरूरतों का ख्याल रखा। महिला पुलिस अधिकारी के इस मानवीय व्यवहार ने सभी का दिल जीत लिया।
घटना 25 जनवरी की बताई जा रही है। SDOP आकांक्षा जैन के बच्चे को दुलार करने और दूध पिलाने का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग उन्हें वर्दी वाली मां कहकर सराहना कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर मिल रही सराहना
वीडियो वायरल होने के बाद लोग SDOP आकांक्षा जैन की तारीफ कर रहे हैं। कई लोगों ने उनके मानवीय दृष्टिकोण की सराहना की है। एक यूजर ने लिखा कि यही असली पुलिसिंग है जहां संवेदनशीलता और कर्तव्य दोनों साथ चलते हैं।
दतिया पुलिस की इस कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ मानवीय मूल्य भी उतने ही जरूरी हैं। बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद पुलिस ने आगे की कार्रवाई की।