मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर बुधवार को कीमती धातुओं ने ऐतिहासिक उछाल दर्ज किया। चांदी की वायदा कीमतें पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर को पार कर गईं। मार्च वायदा में चांदी 4,07,456 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। इसी दौरान सोना भी फरवरी वायदा में 1.8 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर कारोबार कर रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक यह तेजी अभूतपूर्व है। वैश्विक अनिश्चितता के बीच निवेशक सुरक्षित ठिकानों की तलाश में हैं। सोना पारंपरिक रूप से सेफ हेवन एसेट माना जाता है। चांदी में औद्योगिक मांग के साथ निवेश की भूख भी बढ़ी है।
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भी रिकॉर्ड
कॉमेक्स पर सोना 5,600 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर गया है। चांदी भी 119 डॉलर प्रति औंस के ऊपर कारोबार कर रही है। वैश्विक संकेतों ने भारतीय बाजारों को मजबूती प्रदान की है।
भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अस्थिरता के बीच निवेशकों का रुझान कीमती धातुओं की ओर बढ़ा है। केंद्रीय बैंकों की नीतियों और मुद्रास्फीति की चिंताओं ने भी इस तेजी को हवा दी है।
चांदी में अभूतपूर्व उछाल
चांदी का 4 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंचना बाजार के लिए एक बड़ी घटना है। औद्योगिक उपयोग में चांदी की बढ़ती मांग इसकी मुख्य वजह बताई जा रही है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य क्षेत्रों में इसका उपयोग लगातार बढ़ रहा है।
निवेशकों के लिए यह समय सतर्कता का है। बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि कीमतों में यह तेजी जारी रह सकती है। हालांकि अल्पकालिक सुधार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
घरेलू मांग में भी इजाफा देखा गया है। त्योहारी सीजन और शादी के मौसम से पहले खरीदारी बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि ऊंची कीमतों से खुदरा खरीदारों पर दबाव बढ़ सकता है।
बाजार का दृष्टिकोण
व्यापारियों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बनी रहने तक कीमती धातुओं में तेजी जारी रह सकती है। डॉलर इंडेक्स की चाल और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां आगे की दिशा तय करेंगी।
आयात शुल्क और सरकारी नीतियां भी घरेलू कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार की चाल पर नजर रखें और सोच-समझकर निर्णय लें।