इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से उपजा संकट लगातार गहराता जा रहा है। बुधवार को 31वीं मौत की खबर फैलने के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया था। हालाकि, स्वास्थ्य विभाग ने इस खबर को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बॉम्बे हॉस्पिटल के अधिकारियों से सीधे संपर्क कर पुष्टि की है। सीएमएचओ के मुताबिक संबंधित मरीज की मृत्यु नहीं हुई है। मरीज इस समय वेंटिलेटर पर है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
स्वास्थ्य विभाग सतर्क, हाईकोर्ट में सुनवाई जारी
सीएमएचओ ने बताया कि पूरे मामले पर विभाग की पैनी नजर है। लगातार स्थिति की निगरानी की जा रही है। इस जल संकट से जुड़ा मामला फिलहाल हाईकोर्ट में विचाराधीन है। सुनवाई के दौरान सीएमएचओ स्वयं कोर्ट में उपस्थित हैं।
प्रशासनिक स्पष्टीकरण के बावजूद भागीरथपुरा के स्थानीय निवासियों में भय का माहौल कायम है। दूषित पानी से बीमारियों के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं।
जनस्वास्थ्य संकट में बदला जल प्रदूषण
भागीरथपुरा का पानी संकट अब महज तकनीकी खराबी नहीं रह गया है। यह एक गंभीर जनस्वास्थ्य मुद्दे का रूप ले चुका है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि आखिर कब तक इस समस्या का स्थायी समाधान निकलेगा।
प्रशासन से जल्द और ठोस कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। लोग चाहते हैं कि दूषित जल आपूर्ति की समस्या की जड़ तक पहुंचा जाए और इसका कारगर इलाज किया जाए।