संविदा कर्मचारियों को CM मोहन यादव की बड़ी सौगात, नियमितीकरण के लिए बनेगी विशेष समिति

मुख्यमंत्री ने संविदा कर्मचारियों को लेकर एक अहम और राहत भरी घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार संविदा कर्मचारियों को नियमित होने का पूरा और वास्तविक अवसर देगी। इसके लिए वर्ष 2023 में बनाई गई संविदा नीति के सभी प्रावधानों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि किसी भी कर्मचारी के साथ अन्याय न हो और वर्षों से चली आ रही अनिश्चितता खत्म हो सके। सरकार का उद्देश्य है कि संविदा व्यवस्था में पारदर्शिता और स्थायित्व आए।

मुख्यमंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार संविदा कर्मचारियों के हितों की पूरी तरह सुरक्षा करेगी। वेतन, सेवा शर्तें, कार्यकाल, स्थानांतरण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर कर्मचारियों की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाएगा। सरकार का रुख साफ है कि संविदा कर्मचारी शासन-प्रशासन की रीढ़ हैं और उनके साथ किसी भी तरह का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि संविदा कर्मचारी सरकार के लिए “हमारे हनुमान” की तरह हैं, जो कठिन परिस्थितियों में भी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम करते हैं। उन्होंने माना कि इन कर्मचारियों के सहयोग के बिना सरकारी योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को धरातल पर उतारना संभव नहीं है। इसलिए सरकार उनकी मेहनत का सम्मान करते हुए ठोस फैसले लेने जा रही है।

घोषणा के तहत यह भी तय किया गया कि संविदा कर्मचारियों से जुड़े सभी विषयों पर विचार-विमर्श के लिए एक विशेष समिति गठित की जाएगी। इस समिति में सामान्य प्रशासन विभाग और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे, ताकि नीतिगत और वित्तीय दोनों पहलुओं पर संतुलित निर्णय लिया जा सके। इससे फैसलों में व्यवहारिकता और कानूनी मजबूती सुनिश्चित होगी।

इसके साथ ही समिति में भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि कर्मचारियों की आवाज सीधे निर्णय प्रक्रिया तक पहुंचे। यह समिति नियमितीकरण, सेवा सुरक्षा, नीति के क्रियान्वयन और अन्य लंबित मुद्दों पर गहन चर्चा कर सर्वसम्मति से निर्णय लेगी। सरकार का दावा है कि इस पहल से संविदा कर्मचारियों के लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों का स्थायी समाधान निकलेगा और उन्हें सुरक्षित भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का भरोसा मिलेगा।